झींझक/डेरापुर। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर यूनियन के नेतृत्व में जिले भर की आशा कार्यकर्ता व संगनी ने स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी हैं। सभी ने बकाया मानदेय दिलाने समेत अन्य 12 मांगों को लेकर हुंकार भरी है। मंगलवार को सभी ने स्वास्थ्य केंद्रों पर धरना प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठाई।
जिले भर की आशा व संगनी स्वास्थ्य सेवाएं छोड़ विरोध पर उतर आई हैं। मंगलवार को झींझक सीएचसी परिसर में ब्लाॅक की आशा कार्यकर्ता व संगनी एकत्र हुईं। सभी ने आधार प्रोत्साहन राशि के भुगतान, आशा संगिनी को ईपीएफ पीपीएफ का सदस्य बनाए जाने, 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा व 50 लाख का जीवन बीमा कराने, आशा व आशा संगिनी को 5जी फोन देने, आभा आईडी व गोल्डन कार्य सृजन का भुगतान तत्काल किए जाने समेत 12 सूत्री मांगें रखीं।
आशा यूनियन की जिला उपाध्यक्ष शिया दर्शनी ने बताया कि 12 सूत्री मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन पूर्व में दिया जा चुका है। मांगे न पूरी होने पर आंदोलन भी करेंगे। अधीक्षक झींझक डाॅ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि आशाओं का ज्ञापन अधिकारियों को भेजा जा चुका है। इधर डेरापुर सीएसची में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर यूनियन के नेतृत्व में ब्लॉक की आशा व संगिनी कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
धरने का नेतृत्व कर रही संगिनी शशि ने कहा कि मानदेय में बढ़ोतरी, समय पर भुगतान, प्रोत्साहन राशि, सामाजिक सुरक्षा और कार्य से जुड़े अन्य मुद्दों पर बार-बार आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 का कई माह का बकाया, अन्य अभियानों में किए गए योगदान का भुगतान किए जाने की मांग की। चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं हैं तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं दी जाएंगी।