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गरजे अाेवैसी, बाेले- तुम्हारे दादा को जनसंघ और तुम्हें मोदी का डर दिखा रहे सत्ता के दलाल

Fri, 17 Feb 2017 12:36 AM IST
सुहेल खां, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में जनसभा काे संबाेधित करते हुए असदउद्दीन ओवैसी अाैर माैजूद भीड़ - फोटो : अाेपी वाघवानी, अमर उजाला कानपुर
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कानपुर में व‌िशाल जनसभा काे संबाेधित करते हुए आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने सपा-कांग्रेस अाैर बसपा पर जाेरदार हमला बाेला। भारी भीड़ देख गदगद अाेवैसी ने  कहा कि सेक्युलरिज्म के दलालों ने मुसलमानों के दादा को जनसंघ, पिता को बीजेपी और अब तुम लाेगाें काे मोदी से डरा रहे हैं। 65 सालों से मुसलमान डरता आया और इन्हें वोट देता आया। अब मुसलमान उनकी पार्टी के प्रत्याशी को वोट नहीं देंगे बल्कि उनसे कहेंगे कि वह और उनके वोटर उनकी पार्टी के प्रत्याशी को अपना समर्थन दें। लोग कहते हैं कि आठ-नौ विधायक जीत गए तो क्या होगा। मै कहता हूं कि संसद में अकेला बीजेपी के 200 सांसदों पर भारी पड़ता हूं। हमारे विधायक यूपी की विधानसभा में तूफान मचा देंगे।



 

मुसलमानाें का वाेट लेकर यादवाें का किया कल्याण

जनसभा काे संबाेधित करते अाेवैसी - फोटो : अाेपी वाघवानी, अमर उजाला कानपुर
आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुसलमानों को वोट हासिल कर उन्हें छला है। उनकी सरकार में सिर्फ यादव बिरादरी के लोगों को फायदा हुआ है। सपा को चुनाव में 19 प्रतिशत मुसलमानों को याद आती है और चुनाव बाद नौ प्रतिशत यादवों की तरक्की होती है।

सेक्युलरिज्म के दलाल बीजेपी का डर दिखाकर मुसलमानों से सियासी फायदा हासिल करते हैं। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस पर भी हमला बोला लेकिन बसपा के खिलाफ कुछ नहीं कहा। वह बुधवार को जीआईसी ग्राउंड में आर्य नगर प्रत्याशी रबीउल्लाह मंसूरी के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
ओवैसी को लोग बीजेपी का एजेंट और वोट कटवा कहते हैं। लोकसभा चुनाव में एआईएमआईएम चुनाव नहीं लड़ी तो बीजेपी कैसे जीती। सपा, बसपा और कांग्रेस पार्टी वोटरों ने भाजपा को वोट दिया। मुसलमानों को किसी से डरके नहीं बल्कि बेखौफ होकर अपनी पार्टी को वोट देना चाहिए।

सेक्युलरिज्म के दलाल चुनाव के समय एक दाढ़ी टोपी वाले को अपने मंच पर माला पहनाकर बैठाते हैं और उससे अपील कराते हैं कि वह कहें कि मुसलमान उन्हें वोट दें वरना फिरकापरस्त ताकतें जीत जाएंगी। मुसलमान पिछले 65 सालों से यही करता आया है।



 

झूठे हैं अखिलेश और मोदी


अखिलेश यादव मुसलमानों से झूठ बोलते हैं। आरक्षण समेत चुनाव में मुस्लिमों से किया कोई वादा पूरा नहीं किया है। सिर्फ रमजान में टोपी लगाकर रोजा इफ्तार कराते हैं और खजूर भी 14-15 घंटे रोेजे में भूखे मुसलमानों से खाते हैं। अखिलेश का काम बोलता है क्योंकि मुजफ्फरनगर दंगों में मुसलमानों की मौत हुई, रोजगार नहीं मिला और उन पर जुल्म हुए। मोदी बोलते हैं सबका साथ सबका विकास। बाबरी मस्जिद कांड में कानपुर के सांसद मुरली मनोहर जोशी पर मुकदमा चल रहा है और मोदी उन्हें पद्म विभूषण देते हैं। हिंदुत्व का साथ और अपने साथियों का विकास उनका एजेंडा है। जब गुजरात दंगों के लिए मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं तो मुजफ्फर नगर दंगों के लिए अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं। नोटबंदी के जो फायदे गिनाए गए, उसका उल्टा हो रहा है। जनता परेशान हुई, भागती हुई अर्थव्यवस्था रुक गई और पाकिस्तान का आतंकवाद भी नहीं रुका। हमारी फौज का मेजर शहीद हुआ है।

 

पहली बार आया हूं आखिरी बार नहीं

जनसभा काे संबाेधित करते अाेवैसी

ओवैसी ने कहा कि इसके पहले सपा सरकार ने उन्हें कानपुर आने की अनुमति नहीं दी। चुनाव आयोग के शासन में पहली बार आया हूं लेकिन आखिरी बार नहीं। अब बार-बार आऊंगा। सपा सरकार के तत्कालीन एडीएम सिटी ने लिखा कि मै अनुमति नहीं दूंगा क्योंकि यहां सपा प्रत्याशी का वोट बैंक प्रभावित होगा। उससे वफादार अफसर अखिलेश को नहीं मिलेगा लेकिन याद रहे कि अखिलेश अपने बाप के नहीं हुए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह नारे न लगाएं क्योंकि 65-70 सालों से नारे ही लगाते आए हैं।

 
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जनता गंदा पानी और इटावा के जानवर मिनरल वाटर

रैली के बाद बाहर निकलते अाेवैसी, युवाअाें में रहा सेल्फी क्रेज - फोटो : अमर उजाला, कानपुर

बोले कि अखिलेश यादव का विकास इटावा और सैफई में है। जहां लायन सफारी में शेर बीमार हुए तो लंदन से डॉक्टर आए और जानवरों के लिए वहां मिनरल वाटर का प्लांट लगाया गया है। कानपुर की घनी बस्तियों में लोगों को गंदा पानी मिल रहा है और वह बीमार हैं तो कोई फिक्र करने वाला नहीं है। अखिलेश विकास बताते हैं। इटावा तक रात में जाएं तो किस गड्ढे में गिरेंगे पता भी नहीं होगा। एनएचएआई के मानक के मुताबिक एक किलोमीटर सड़क बनाने में 11 करोड़ की लागत आती है। उन्होंने 302 किलोमीटर का एक्सप्रेस वे बनाया है और एक किलोमीटर की लागत 44 करोड़ बताई है। घी और मक्खन खाया जा रहा है। किसी को नौकरी नहीं मिली। विज्ञापन में धन खर्च हुआ।
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