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Kanpur News: न्यूरोसर्जरी विभाग में पहली बार हुआ कृत्रिम सर्वाइकल डिस्क प्रत्यारोपण

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कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभाग में पहली बार आर्टिफिशियल सर्वाइकल डिस्क रिप्लेसमेंट की सफल सर्जरी की गई। डॉ. मनीष सिंह की देखरेख में कानपुर देहात निवासी 54 वर्षीय जय प्रकाश का ऑपरेशन किया गया। मरीज पिछले एक माह से हाथ-पैरों में बढ़ती कमजोरी से परेशान थे। हाथ में पकड़ी वस्तुएं अचानक छूट जाती थीं। एमआरआई में सी4-सी5 की डिस्क बाहर निकलकर स्पाइनल कॉर्ड को दबाती मिली। करीब चार घंटे चली सर्जरी में माइक्रोस्कोप की मदद से खराब डिस्क निकालकर उसकी जगह टाइटेनियम की कृत्रिम डिस्क प्रत्यारोपित की गई।
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ऑपरेशन के दौरान केवल चार से पांच एमएल रक्तस्राव हुआ। सर्जरी के तुरंत बाद नसों पर दबाव हट गया और हाथ-पैरों की ताकत लौटने लगी। अगले ही दिन मरीज सामान्य रूप से चलने-फिरने लगा। विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि आर्टिफिशियल डिस्क रिप्लेसमेंट दुर्लभ और महंगी सर्जरी है। केवल कृत्रिम डिस्क की कीमत करीब दो से ढाई लाख रुपये है, लेकिन स्वास्थ्य कल्याणकारी योजनाओं और अस्पताल प्रशासन के प्रयास से मरीज का इलाज निशुल्क हुआ।


उन्होंने बताया कि विभाग में हर सप्ताह सर्वाइकल डिस्क के छह-सात और महीने में करीब 30 ऑपरेशन होते हैं। नई तकनीक से मरीजों के साथ रेजीडेंट्स की ट्रेनिंग को भी लाभ मिलेगा। पारंपरिक सर्जरी में डिस्क निकालकर प्लेट-स्क्रू से हड्डियां जोड़ दी जाती हैं, जिससे गर्दन का प्राकृतिक मूवमेंट प्रभावित होता है और आसपास की डिस्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कृत्रिम डिस्क से प्राकृतिक मूवमेंट बनाए रखने में मदद मिलती है। सर्जरी टीम में विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह, डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. गौरव वर्मा, डॉ. अक्षय बाजपेयी, डॉ. साजिदा अली, डॉ. विनय, डॉ. विजय, डॉ. यश, डॉ. चंद्रशेखर, डॉ. रविस्ता और डॉ. प्रज्ञा शामिल रहीं।
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