जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के बाद हॉस्टल की उम्मीद में खड़े छात्र और उनके परिजन
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कानपुर। डॉक्टर बनने का सपना लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से कानपुर पहुंचे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नवप्रवेशी छात्रों को दाखिले के साथ ही अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। काउंसलिंग और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करने के बाद छात्र जब कॉलेज पहुंचे तो उन्हें हॉस्टल आवंटित नहीं किया गया। कॉलेज प्रशासन ने फिलहाल बाहर रहने की व्यवस्था करने को कहा और सोमवार को दोबारा बुलाने की जानकारी दी।
दूर-दराज से आए छात्र अपने साथ पूरा सामान लेकर पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी होते ही कॉलेज परिसर में रहने का इंतजाम हो जाएगा। हॉस्टल न मिलने की सूचना से छात्र और उनके अभिभावक परेशान हो गए। मजबूरी में उन्हें निजी लॉज और होटलों में ठहरने की व्यवस्था करनी पड़ी। अचानक बढ़े खर्च ने अभिभावकों की चिंता भी बढ़ा दी। सूत्रों के अनुसार हॉस्टल की स्थिति और मरम्मत की जरूरत को लेकर स्टाफ की ओर से कॉलेज प्रशासन को पहले ही लिखित रूप से जानकारी दी जाती रही थी। पुराने छात्रों ने 11 सितंबर को हॉस्टल पूरी तरह खाली कर दिए थे। इसके बावजूद मरम्मत और सफाई का काम 17 सितंबर के बाद शुरू कराया गया। समय रहते काम पूरा न होने का असर अब नए छात्रों पर पड़ रहा है। हॉस्टल व्यवस्था पूरी नहीं होने से नए छात्रों की कक्षाएं भी शुरू नहीं हो सकी हैं। प्रवेश के बाद पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद लगाए छात्रों को फिलहाल रहने के इंतजाम के लिए भटकना पड़ रहा है। बरेली से आए एक छात्र के पिता अरुण ने कहा हम सारा सामान लेकर आए थे कि हॉस्टल मिल जाएगा, लेकिन यहां आने के बाद पता चला कि अभी व्यवस्था नहीं है। वॉर्डन डॉ. प्रज्ञनेश ने बताया कि छात्रों के लिए बीएच-6 में व्यवस्था की जा रही है। सभी छात्रों को सूचना दी जा रही है और सोमवार को बुलाकर हॉस्टल आवंटित किए जाएंगे।