शारंग तोप के निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय और आयुध निर्माणी बोर्ड के बीच 25 अक्तूबर को समझौता हो गया। इसके तहत अगले चार साल में बोर्ड सेना को तीन सौ तोपों का निर्माण करके देगा। शारंग का निर्माण ओएफसी और फील्डगन फैक्ट्री कानपुर मिलकर करेंगी।
शारंग इस्राइली तोप सोल्टम का आधुनिक संस्करण है। पहले इसकी कैलिबर 135 एमएम थी। अब इसे 155 एमएम किया गया है। मार्च 2018 में हुए कई परीक्षणों में इस तोप ने भारत फोर्ज और पुंजलॉयड की तोपों को पछाड़ कर ओपेन बिड में सेना से ऑर्डर हासिल किया था। दिल्ली में इसके बल्क में उत्पादन के लिए बोर्ड की ओर से डिप्टी डायरेक्टर जनरल वेपेन आलोक प्रसाद और रक्षा मंत्रालय की अधिकारी निधि छिब्बर के बीच एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए।
डिप्टी डायरेटर जनरल आयुध निर्माणी बोर्ड गगन चतुर्वेदी ने बताया कि 2022 तक तीन सौ तोपों का निर्माण कर सेना को दिया जाना है। पहले चरण में 30, दूसरे में 70 और अगले चरण में 100-100 तोपों का निर्माण किया जाना है। उन्होंने बताया कि शारंग तोप मेक इन इंडिया के तहत अपग्रेड की गई है। इसे ओएफसी कानपुर के आर्डनेंस डेवलेपमेंट सेंटर (ओडीसी) में विकसित किया गया है।