आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) और फील्ड गन में जल्द ही शारंग तोप का बल्क में उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। ओएफसी में विक सित की गई इस स्वदेशी तोप के निर्माण के लिए सितंबर में सेना और आयुध निर्माणी बोर्ड के साथ करार होने वाला है।
हालांकि तोप को ओएफसी ने विकसित किया है लेकिन इसके ब्लाक और ब्रिचरिंग फील्ड गन में बनते हैं। करार के तहत ओएफसी और फील्ड गन मिलकर तीन सौ तोप चरणबद्ध तरीके से बनाएंगे।
डेमो पिक
शारंग इजरायली तोप सोल्टम का आधुनिक संस्करण है। पहले इसकी कैलिबर 135 एमएम थी, जिसे अब 155 एमएम किया गया है। मार्च 2018 में हुए कई परीक्षणों में इस तोप ने भारत फोर्ज और पुंज ल्यावड कंपनी की तोपों को पछाड़ कर ओपेन बिड में सेना से आर्डर पाया था।
सूत्रों ने बताया कि सितंबर में सेना और आयुध निर्माणी बोर्ड के साथ तोप के बल्क उत्पादन पर करार किया जाना है। इसकी तैयारी ओएफसी और फील्ड गन में शुरू कर दी गई है। दो तोप सेना को इसी सप्ताह दी जाएंगी। इसके बाद करार की घोषणा होगी। 2022 तक 300 तोप का आर्डर पूरा किया जाना है। पहले चरण में 30, दूसरे में 70 और अगले चरण में 100-100 तोपों का निर्माण किया जाना है।
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ये है खासियत
तोप टारगेट को बेहद सटीकता के साथ ध्वस्त करती है। इसके अलावा तोप की निरंतरता (गोले दागने की क्षमता) जबरदस्त है। इस तोप में पहाड़ों में छिपे दुश्मनों को तबाह करने की विशेष क्षमता है। इसे 70 डिग्री तक मूव किया जा सकता है। तोप की कैलिबर 155 मिलीमीटर, कैरिज स्प्लीट ट्रेल और मारक क्षमता 36 किलोमीटर तक है।
- 36 किमी है मारक क्षमता
- 08 टन वजन है तोप का
- 11 मीटर है लंबाई इसकी
- 2.45 मीटर है चौड़ाई
- 2.55 मीटर है ऊंचाई