अर्जुन टैंक मार्क 1ए की सांकेतिक तस्वीर
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हंटर किलर के नाम से जाने जाने वाले आधुनिक अर्जुन टैंक मार्क 1ए को प्रधानमंत्री ने सेना को सौंपा है। पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से विकसित इस टैंक के बैरल और ब्रीच मैकेनिज्म शहर स्थित आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) और फील्डगन फैक्टरी में बनाए जाएंगे।
तीन सालों में 114 आधुनिक अर्जुन टैंक बनाने का आर्डर मिला है। इससे दोनों निर्माणियों में वर्कलोड बढ़ेगा। किसी भी टैंक में बैरल और ब्रीच मैकेनिज्म (जिस पर बैरल को अपलोड किया जाता है) सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। टैंक की पूरी क्षमता का दारामदार इन दो आयुधों पर होता है।
120 एमएम कैलीबर वाले इस टैंक की मारक क्षमता पांच किलोमीटर तक होगी। पुराने टैंक की तुलना में नए टैंक में 71 नए फीचर जोड़े गए हैं। इससे इस श्रेणी में यह विश्व के श्रेष्ठ टैंकों में शुमार हो जाता है। आधुनिक अर्जुन टैंक का डिजाइन रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तैयार किया है।
ओएफसी के महाप्रबंधक एएन श्रीवास्तव ने बताया कि अगले तीन सालों में 114 टैंकों की बैरल और ब्रीच मैकेनिज्म बनाने का आर्डर मिला है। इसे निर्माणी के अलावा फील्ड गन फैक्ट्री में भी बनाया जाएगा। पुुराने अर्जुन टैंक के बैरल भी निर्माणी में बनते हैं।