हर समय लगना कि फोन बज रहा है, बेवजह महसूस हो कि फोन वाइब्रेट कर रहा है। फेसबुक पर डाले गए आपके पोस्ट पर किसी ने लाइक या कमेंट तो नहीं किया। इसी की चिंता करते रहने की आदत आपको बीमार बना रही है। फोन की बीमारी यहां तक सीमित नहीं है।
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बीमारी के यह है लक्षण
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चिड़चिड़ापन, काम में मन न लगना, हर बात को नजरअंदाज करना भी इस बीमार का असर है। यह निष्कर्ष निकला है आईआईटी के तीन छात्रों द्वारा करे गए शोध का। एंड्रायड फोन यूज करने वाले फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम, फेसबुक डिप्रेशन, हीकीकीमोरी जैसी बीमारी के पीड़ित पाए गए।
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ऐसे किया गया शोध
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आईआईटी के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के छात्र मोहित सूरी, इंडस्ट्रीयल एंड मैनेजमेंट के छात्र आदित्य श्रीवास्तव और केमिकल इंजीनियरिंग के छात्र रोहित ने जुलाई से दिसंबर 2017 के बीच 25 कॉलेजों के ढाई हजार युवाओं और पांच सौ लोगों जिनकी उम्र 40 से 60 साल के बीच थी उनपर शोध किया। सभी से उनकी आदतें, फोन की उपयोगिता और बीमारियों के बारे में सवाल पूछे गए।
फैंटम रिंगिंग या फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम
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यह मोबाइल फोन से होने वाली एक ऐसी बीमारी है जिसमें लोगों को भ्रम होता है कि जेब या बैग में पड़ा उनका मोबाइल वाइब्रेट या रिंग कर रहा है। इसलिए वह बार-बार उसे चेक करते रहते हैं। जबकि असल में ऐसा होता नहीं है। शोध में हर दस लोगों में से नौ लोगों ने इसकी लक्षण स्वीकारे।
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हिकीकीमोरी
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इस रोग में व्यक्ति खुद को सामाजिक रूप से दूर रख तकनीकी दुनिया तक सीमित कर लेता है। शोध में इसके 4 प्रतिशत युवा पीड़ित मिले। हाल ही में आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस का एक छात्र में इस बीमारी के लक्षण शिक्षकों ने देखे थे। जिसकी काउंसलिंग की गई थी। पाया था कि छात्र पिछले दो माह से दिन में 11 से 15 घंटे तक लगातार जापानी गेम खेल रहा था।
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फेसबुक डिप्रेशन
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यह बीमारी आम होती जा रही है। जो व्यक्ति की सोशल मीडिया के लत को प्रदर्शित करती है। ऐसी स्थिति में लोग हर दस से पंद्रह मिनट में अपना फेसबुक चेक करने लगते हैं। उनका दिमाग उसी ओर लगा रहता है। फेसबुक पर किए गए पोस्ट पर लाइक, कमेंट न मिलने पर चिंता होने लगती है धीरे-धीरे वह डिप्रेशन में जाने लगते हैं। शोध में 22 फीसदी युवा इस बीमारी के चपेट में पाए गए।
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बीमारी का असर
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मनोवैज्ञानिक डॉ. एलके सिंह कहते हैं कि मोबाइल, लैपटॉप का ज्यादा प्रयोग करने वालों की आंखें तो कमजोर होती ही हैं, इसके अलावा इसका सीधा असर उनके दिमाग पर पड़ता है। सिर दर्द, झल्लाहट, काम न करने का मन करना, पढ़ाई में मन नहीं लगना जैसी कई शारीरिक दिक्कतें आने लगती हैं।
जब जरूरत हो तभी फोन, लैपटॉप या कंप्यूटर का प्रयोग करें। आउट डोर गेम खेलें, खुले में घूमें, दोस्तों के साथ बात करें, म्यूजिक सुनें। सामाजिक कार्यों में शिरकत करें, आठ घंटे की नींद हर हालत में लें। खाना खाते समय मोबाइल फोन, लैपटॉप से दूरी बनाएं। अधिक से अधिक सात घंटे इंटरनेट का प्रयोग करें। जॉब की स्थिति में नौ घंटे कर सकते हैं पर बीच-बीच में ब्रेक लें