कानपुर। शहर में एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति में मनमानी को लेकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त कार्रवाई की। उन्होंने भागवत गैस एजेंसी और सुभिता गैस एजेंसी पर कुल 11.18 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यह कदम कलक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक के दौरान उठाया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने तीन एजेंसियों पर सबसे अधिक लंबित सिलिंडर पाए। भागवत गैस एजेंसी पर 3588, सुभिता गैस एजेंसी पर 2102 और मीरा गैस एजेंसी पर 2097 सिलिंडरों का बकाया था। बीते एक सप्ताह से उपभोक्ता सिलिंडर न मिलने से हंगामा कर रहे थे। उन्होंने सड़क जाम कर एजेंसियों पर मनमानी का आरोप लगाया था। जिलाधिकारी ने कंपनी संचालकों को फटकार लगाई। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को दो से तीन दिन में लंबित सिलिंडरों की आपूर्ति करने की चेतावनी दी। ऐसा न करने पर सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही। बैठक में एडीएम सिविल सप्लाई राजेश कुमार और जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार भी उपस्थित थे। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सुभिता गैस एजेंसी पर 6.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, भागवत गैस एजेंसी पर 4.68 लाख रुपये का जुर्माना लगा। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि निर्धारित समयसीमा में सुधार न होने पर संबंधित एजेंसी संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गैस एजेंसी पर एक जिम्मेदार कर्मचारी हो। वह प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करेगा। इन शिकायतों का तुरंत निस्तारण भी किया जाएगा। सभी शिकायतें रजिस्टर में दर्ज कर पूर्ति निरीक्षक को उपलब्ध कराई जाएंगी। एजेंसियों को प्रतिदिन का लंबित सिलिंडरों का विवरण जिला पूर्ति अधिकारी को भेजना होगा।