फर्रुखाबाद में हिंदू जागरण मंच के कानपुर प्रांत के विभागाध्यक्ष ने कायमगंज भाजपा विधायक समेत 15 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को अदालत में अर्जी दायर की है। इसमें फर्जी अभिलेख से जमीन का बैनामा करवाने और वहां बने धार्मिक स्थल व आश्रम को तुड़वाने का आरोप लगाया है।
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सब्जीमंडी जवाहरगंज निवासी हिंदू जागरण मंच के विभागाध्यक्ष प्रदीप सक्सेना ने कायमगंज विधायक अमर सिंह खटिक, गांव बरझाला निवासी सावित्री देवी पत्नी अर्जुन सिंह, शमसाबाद के हासिमपुर तराई के प्रधान रामचरन और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ सांसद-विधायक विवाद को बनी विशेष कोर्ट में अर्जी दायर की है।
इसमें कहा कि कसिमपुर तराई गंगापुल के पश्चिम साइड में गाटा संख्या 102, जिसका कुछ हिस्सा राजस्व अभिलेखों में तालाब में दर्ज है। यह जमीन करीब दो बीघे है। इसका घटियापुर शमसाबाद निवासी सगे भाई जरीन खां व जुबैर खां से विधायक ने फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अपने पुत्र अर्जुन की पत्नी सावित्री के नाम बैनामा करवा लिया।
जरीन खां व जुबैर खां इस जमीन के मालिक भी नहीं हैं। जमीन आश्रम व धार्मिक स्थल से जुड़ी है। 25 नवंबर को दिन में करीब 11 बजे विधायक सभी लोगों को लेकर आए और जमीन के पास स्थित धार्मिक स्थल पर लगी मूर्तियों को उठा कर फेंक दिया। आश्रम तुड़वा दिया। महंत गणेश दास व महंत मकसूदनदास ने विरोध किया तो सभी लोग गालीगलौज करने लगे।
जानकारी पर वह भी पहुंच गए और कब्जा करने का विरोध किया। इससे नाराज होकर विधायक ने उसे थप्पड़ मारने का प्रयास किया। धार्मिक स्थल की मूर्तियों को हटवाकर और आश्रम को तुड़वा कर विधायक ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया।
विधायक व उनके साथी धमकी देकर चले गए। इसकी तहरीर शमसाबाद थाने में दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसकी शिकायत एसपी को भेजी गई। पीड़ित के अधिवक्ता दीपक द्विवेदी ने अर्जी पर सुनवाई के दौरान दलीलें पेश कीं। न्यायाधीश ने शमसाबाद थानाध्यक्ष से 7 दिसंबर तक आख्या मांगी है।