उत्तर प्रदेश के कानपुर में सिख विरोधी दंगे के दौरान दर्ज हुए हत्या व डकैती के पहले मुकदमों में शामिल दंगाइयों की गिरफ्तार करने की तैयारी हो रही है। नौबस्ता थाने में दर्ज इस मुकदमे में यह पहली कार्रवाई होगी। जिसमें मकान मालिक और एक सेवादार की हत्या करने के बाद आगजनी की गई थी।
एसआईटी ने इस मामले में 13 दंगाइयों को आरोपी बनाया है। गिरफ्तारी के लिए एसआईटी अध्यक्ष ने एक टीम गठित की है। दंगाइयों ने नौबस्ता थानाक्षेत्र के एक घर में दो सिखों की बेरहमी से हत्या कर आग लगा दी थी। इसके साथ ही घर में लूटपाट भी की थी।
छह माह पहले एसआईटी ने फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बेंजीडाइन परीक्षण कराया तो 36 वर्ष पुराने खून के दाग भी मिले थे। इसके बाद एसआईटी ने पीड़ित परिवार के लोगों का पंजाब में बयान दर्ज कर रंगनाथ मिश्र आयोग को रिपोर्ट सौंपी थी।
इसके आधार पर एसआईटी ने दंगे में शामिल लोगों के नाम, पते का सत्यापन कराया था जिसमें एसआईटी ने 13 लोगों को आरोपी बनाया है। एसआईटी के एसपी बालेंदु भूषण ने बताया कि सिख विरोधी दंगे के दौरान दर्ज 20 मुकदमों की विवेचना हो रही है। इसमें से एक मामले की जांच में सामने आए 13 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी के अध्यक्ष के साथ बैठक की गई। 127 सिखों की हत्या में 100 दंगाई चिह्नित हो चुके हैं।