उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए सिख विरोधी दंगे की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। एसआईटी ने 10 केसों के 60 आरोपियों की शिनाख्त कर उनका सत्यापन कर लिया है। इनमें से 13 आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि 47 आरोपी जीवित हैं।
अधिकतर आरोपी बुजुर्ग हैं और शहर में ही रह रहे हैं। एसआईटी शासन को पत्र लिखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मंजूरी मांगेगी। इसके बाद इनकी धरपकड़ शुरू होगी। एसआईटी एसएसपी बालेंदु भूषण सिंह ने केस के विवेचनों के साथ सर्किट हाउस में बुधवार को समीक्षा बैठक की।
एसएसपी ने बताया कि 19 केसों की विवेचना चल रही है। इसमें 10 की विवेचना अंतिम दौर में हैं। इन केसों के पांच दर्जन आरोपी चिह्नित किए जा चुके हैं। मौके पर जाकर इनका सत्यापन भी कर लिया गया है। जीवित 47 आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि अन्य केसों में भी जांच जारी है। आरोपियों की पहचान की जा रही है। पीड़ित परिवार व गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। वहीं जिनके बयान एसआइटी ले चुकी है, उनके कोर्ट में बयान भी हो रहे हैं। साक्ष्य जुटाने के बाद सभी पर कार्रवाई की जाएगी।