सिख विरोधी दंगे में आरोपी दबौली निवासी कांग्रेस के पूर्व पार्षद 72 वर्षीय कैलाश चंद्र पाल की जमानत अर्जी अपर जिला जज 17 विकास गोयल ने खारिज कर दी है। दबौली निवासी विशाखा सिंह के घर पर 7 नवंबर 1984 को दंगाइयों ने धावा बोल दिया था।
लूटपाट कर घर में आग लगा दी गई थी। घटना में विशाखा सिंह, उनकी पत्नी सरन कौर, बेटी गुरवचन कौर, बेटे जोगिंदर सिंह, गुरुचरन सिंह, छत्रपाल सिंह व गुरुमुख सिंह की हत्या कर शव को जला दिया गया था। विशाखा के बेटे औतार सिंह ने गोविंद नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि मामले में पूर्व पार्षद कैलाश पाल, उसके भाई रामचंद्र पाल, मौजीलाल, राघवेंद्र त्रिपाठी, भरत शर्मा, योगेश शर्मा, प्रकाश अकेला, महेंद्र सिंह आदि आरोपी हैं। योगेश व भरत की जमानत अर्जियां पहले ही खारिज हो चुकी हैं। कैलाश ने भी जमानत अर्जी दाखिल की थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।