सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने एक और पीड़ित परिवार को ढूंढ लिया है। पनकी में दंगाइयों ने पिता-पुत्र को मार दिया था। एसआईटी परिजनों के बयान लेने जल्द दिल्ली जाएगी।
एक नवंबर 1984 को एमआईजी पनकी में सरदार स्वर्ण सिंह व उनके बेटे गुरुजेंदर सिंह की दंगाइयों ने हत्या कर दी थी। डकैती डाल घर में आगजनी भी की थी। इस केस में भी पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। एसआईटी एसएसपी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि तफ्तीश में पता चला कि स्वर्ण सिंह की पत्नी की मौत हो चुकी है।
छोटा बेटा परमजीत व अन्य परिजन पटियाला में रहते हैं। उनसे जब संपर्क किया गया तो बताया गया कि कुछ दिन में वे किसी काम से दिल्ली जाने वाले हैं। ऐसे में एसआईटी ने बयान लेने के लिए उनसे समय तय कर लिया है।