वेतन विसंगति दूर करने के लिए अपने अधीनस्थ वरिष्ठ लिपिक से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज, बांदा डिपो) के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार अग्रवाल को झांसी से आई भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वरिष्ठ लिपिक रमेश कुमार वर्मा (जमुनिहा पुरवा, बांदा) डिपो में तैनात हैं। उन्होंने 14 सितंबर को शासन और उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी कि उसके वेतन में सालों से चली आ रही विसंगति को ठीक करने के लिए बांदा डिपो के आरएम संजीव कुमार अग्रवाल 10 हजार रुपये मांग रहे हैं।
इस पर शासन ने झांसी एंटी करप्शन टीम कार्यालय भेजी। शिकायतकर्ता से संपर्क करने के बाद मंगलवार को टीम ने जिलाधिकारी से मिलकर आरएम को रंगेहाथ पकड़ने की कार्रवाई की जानकारी दी।
साथ ही स्थानीय साक्षी को नियुक्त करने का अनुरोध किया। डीएम के निर्देश पर कलक्ट्रेट के न्याय सहायक लिपिक दिनेश श्रीवास और कनिष्ठ सहायक प्रदीप निगम को साथ लेकर टीम इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह व प्रेमकुमार के नेतृत्व में दोपहर करीब दो बजे रोडवेज पहुंची।
यहां वरिष्ठ लिपिक ने क्षेत्रीय प्रबंधक को उनके कक्ष में 10 हजार रुपये दिए। इसी बीच एंटी करप्शन टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया। वहां से कोतवाली ले जाकर देर शाम तक औपचारिकता पूरी कराने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई।
टीम आरोपी आरएम को अपने साथ ले जाकर लखनऊ स्थित कोर्ट में पेश करेगी। एंटी करप्शन टीम में उप निरीक्षक मोहम्मद इसरार, हेड कांस्टेबल राजबहादुर सिंह, क्रांति कुमार पांडेय, महिला हेड कांस्टेबल बीना सिंह और निरंजन सिंह शामिल थे।