बीएसए के बाबू को एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार
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कानपुर देहात मे एंटी करप्शन की टीम ने बीएसए दफ्तर के बाबू को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। एक स्कूल के प्रबंधक से हस्ताक्षर प्रमाणित कराने के लिए घूस मांगी गई थी। अकबरपुर कोतवाली में बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
राजपुर स्थित मथुरा जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक रामकृष्ण ने एक अगस्त को एंटी करप्शन से शिकायत की थी। कहा था कि बीएसए दफ्तर का वरिष्ठ सहायक जसीम अहमद फारुकी प्रबंधक के हस्ताक्षर प्रमाणित कराने के नाम पर बीस हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है।
इसके बाद एंटी करप्शन के निरीक्षक शंभुनाथ तिवारी ने रुपये देने का समय तय कराया। निर्धारित समय पर प्रबंधक रामकृष्ण सोमवार शाम करीब पौने छह बजे बीएसए दफ्तर पहुंचे। वहां बाबू जसीम उनका इंतजार करता मिला। दफ्तर के प्रथम तल पर प्रबंधक ने जैसे ही उसे रुपये थमाए वैसे ही टीम ने दबोच लिया।
उसके पकड़े जाने के बाद बीएसए दफ्तर में हड़कंप मच गया। वहां मौजूद अन्य कर्मी खिसक गए। टीम उसे लेकर कोतवाली अकबरपुर पहुंची। कोतवाली प्रभारी धर्मेेंद्र सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन के निरीक्षक शंभूनाथ तिवारी की तहरीर पर बाबू पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पहले भी पाया गया भ्रष्टाचार का दोषी
बाबू जसीम अहमद फारुकी भ्रष्टाचार के मामले में जांच में दोषी पाए जा चुका है। उसे सेवा समाप्ति की नोटिस भी शासन की ओर से दी जा चुकी है। उसने इस नोटिस पर हाइकोर्ट में अपील की थी। इससे मामला लटका हुआ था।
जसीम अहमद ने वर्ष 2014-15 में राष्ट्रीय विद्या मंदिर खोजाफूल, विवेकानंद जूनियर हाईस्कूल कसोलर, अशोक विद्या मंदिर रास्तपुर, सुभाष जूनियर स्कूल गिरधरपुर व जवाहर लाल नेहरु जूनियर हाईस्कूल निनायां में बिना पदों के ही पांच प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति करा दी थी। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से हुई थी।
जांच में भर्ती प्रक्रिया फर्जी पाए जाने पर भर्ती किए गए सभी प्रधानाध्यापकों का वेतन रोका गया था। भर्ती प्रक्रिया के दौरान पटल सहायक रहे बाबू जसीम अहमद फारुकी, तत्कालीन बीएसए राम सागर पति त्रिपाठी, सच्चिदानंद, पवन त्रिपाठी और डीआईओएस नंदलाल को शासन ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद बाबू जसीम अहमद को सेवा समाप्ति करने का नोटिस दिया गया था।