कंपनी में भरोसा दिलाने के लिए जो दस्तावेज दिखाए गए, जिसमें बताया गया कि राज्यसभा सदस्य केडी सिंह की कंपनी है। इसलिए चिंता करने वाली बात नहीं है। कागजात देखने के बाद निवेशकों को भरोसा हो जाता था और पैसा लगा देते थे। बजाज ने सीबीआई से कहा कि उन्हें न तो पैसा वापस मिला और न ही जमीन।
सीबीआई ने शिकायत पर जांच की तो पाया कि पंजाब में एक इंच जमीन एलकेमिस्ट के नाम पर नहीं है। जांच में ये भी मिला कि 16 कंपनियों के जरिए 15 लाख से ज्यादा निवेशकों से 25 हजार करोड़ रुपये हड़प लिए गए हैं। घोटाले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है।
दर्ज एफआईआर में केडी सिंह के अलावा निदेशक सत्येंद्र कुमार सिंह, सुचेता खेमका, जय श्रीप्रकाश सिंह, बृजमोहन महाजन, छत्रसाल सिंह और नंदकिशोर सिंह को आरोपी बनाया गया है। दूसरे मामले की विवेचना बीते एक साल से ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) कानपुर की टीम कर रही है। इस केस में आरोपी ने कोर्ट से अरेस्ट स्टे ले रखा था। अब तक उससे पूछताछ नहीं हो सकी है।