कानपुर देहात। रोकथाम के दावों के बावजूद जिले में मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा 183 पहुंच गया। वहीं अकबरपुर के करौंसा में डेंगू पीड़ित सहित नौ मरीज मिल चुके हैं। मरीजों की संख्या बढ़ती देख स्वास्थ्य विभाग की ओर से सतर्कता बढ़ाई गई है।
जिले में मलेरिया तेजी से पांव पसार रहा है। सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों में मलेरिया जांच की रफ्तार धीमी होने के बावजूद भी लगातार मलेरिया के नए केस मिल रहे हैं। मई माह में मलेरिया के रोगियों की संख्या महज दो थी। जबकि जून में 15, जुलाई में 24, अगस्त में 63 व सितंबर माह में बढ़कर 79 हो गई। इस तरह अब तक जिले में मलेरिया रोगियों की संख्या 183 जा पहुंची है। इससे संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थिति यह है कि गांवों में गंदगी बजबजा रही है और मच्छर पनपने से लोग बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बुखार के कारण मलेरिया, डेंगू के मरीज भी बढ़े हैं। विभाग की माने तो अब तक 102 गांवों के 162 मलेरिया पीड़ितों का सत्यापन किया जा चुका है। इधर डेंगू का प्रभाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक अमरौधा ब्लॉक के पटेलनगर पुखरायां में एक किशोर, संदलपुर ब्लॉक के बलियापुर में एक महिला सहित कुल नौ डेंगू पीड़ित मिले हैं।
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चार घरों में मिला डेंगू का लार्वा
संदलपुर के बलियापुर में लोगों के बीमार होने की जानकारी पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंची। यहां टीम ने 188 घरों के 804 जल पात्रों की जांच की। जिसमें चार जल पात्रों में डेंगू का लार्वा पाया गया। जिसे नष्ट करवा गया। जबकि 121 स्थानों पर एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया। टीम ने गांव में मिले 17 बुखार रोगियों की आरटीडी किट से मलेरिया की जांच की। जिसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं पांच लोगों की एलाइजा जांच करवाने के लिए रक्त का नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया।
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वर्जन.....
मलेरिया व बुखार रोगियों के होने की जानकारी पर विभाग की टीम गांवों में पहुंचकर सोर्स रिडक्सन व शिविर लगाकर लोगों का उपचार कर रही है। साथ ही गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव करवाया जा रहा है। जिससे मच्छर न पनप सकें। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ