मेरी जिंदगी तबाह कर दी
शिव सिंह ने बताया कि उनके मकान पर दिनेश ने 2003 में कब्जा किया था। कोर्ट कचहरी की जब उन्होंने कार्रवाई शुरू की तो दिनेश ने एक के बाद एक दर्जनों मुकदमे उन पर दर्ज करवाए। इस वजह से शिव उसी में उलझे रहे। आखिर में दिनेश ने ही मकान पर कब्जा कर लिया।
टीचर्स सोसाइटी से किया बड़ा खेल
दिनेश त्रिपाठी का भाई टीचर्स सोसाइटी चलाता था। जब दिनेश चकेरी इंस्पेक्टर बना तो वह भी इसी में शामिल हो गया। थानेदारी कम कर वह जमीनों का काम करने लगा। एक-एक जमीन कइयों को बेच दी। लाखों करोड़ों रुपये हड़प लिए। जिसने भी आवाज उठाने का प्रयास किया उस पर मुकदमे लाद दिए। इसमें कई रसूख वाले शामिल थे। अफसर से लेकर नेताओं की शह पर दिनेश पूरा खेल करता था।
दिनेश त्रिपाठी से संबंधित पुराने कई मामले सामने आए हैं। सभी केसों की समीक्षा की जा रही है। इन केसों की फाइलों को दोबारा खोला जाएगा। नए सिरे से जांच की जाएगी। इसके लिए विशेष टीम गठित होगी। डीसीपी इसकी निगरानी करेंगे।
असीम अरुण, पुलिस कमिश्नर