छह महीने में भेजे पांच से छह लाख रुपये
इसमें छह महीने में एक शख्स द्वारा पांच से छह लाख रुपये भेजने की बात पता चली। पुलिस ने बैंक से जानकारी की तो पता चला कि वह व्यक्ति प्रयागराज का रहने वाला एक वकील है। पुलिस को उसका नाम और पता भी मिल गया है। इस शख्स को नोटिस जारी कर पुलिस पूछताछ करेगी, ताकि बड़ी रकम ट्रांसफर करने की सही वजह स्पष्ट हो सके।
साक्ष्यों को 16 अक्तूबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा
विवेचक नजीराबाद थाना प्रभारी कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वकील से पूछताछ की जाएगी। शिवांगी के फरार पहले पति बृजेंद्र, कथित भाई, भाभी, प्रेमी और किराये पर आए जनातियों को भी नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। शिवांगी के खिलाफ मिले साक्ष्यों को 16 अक्तूबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा ताकि, उसकी जमानत न हो सके।
पहले ही करवा चुकी है नसबंदी
धोखेबाज दुल्हन शिवांगी उर्फ सविता ने 13 साल पहले ही अपनी नसबंदी करवा ली थी। इसके बाद अपने पहले पति से तलाक के लिए कोर्ट में भी अर्जी डाली थी। नसबंदी की पुष्टि के लिए पुलिस सविता का मेडिकल कराएगी। पुलिस इसके लिए गुरुवार को कोर्ट में अर्जी देगी। नजीराबाद थाना प्रभारी कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि सविता ने 15 साल पहले मऊरानीपुर निवासी बिजेंद्र से शादी की थी।
प्रताप इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ते हैं बच्चे
उससे दो बच्चे एक बेटी व एक बेटा नरेश हैं। दोनों बच्चे मऊरानीपुर स्थित प्रताप इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ते हैं। बुधवार को पुलिस की टीम सविता के दुर्गापुर स्थित ससुराल पहुंची। पुलिस ने सविता के दोनों बच्चों व सास हरकुंवर और ससुर शिवदीन से पूछताछ की। पूछताछ में ससुर ने बताया कि पिछले ढाई साल से सविता पूरे गांव में खुद को इनकम टैक्स का अधिकारी बताती थी।
नसबंदी की पुष्टि के लिए कराया जाएगा मेडिकल
वर्ष 2010 में बेटे के जन्म के बाद उसने नसबंदी करा ली थी। पुलिस को इससे संबंधित कोई मेडिकल साक्ष्य नहीं मिल सका। नसबंदी की पुष्टि के लिए उसका मेडिकल कराया जाएगा। इसी के बाद सविता ने ब्रजेंद्र से तलाक लेने के लिए कोर्ट में अर्जी डाल दी थी, लेकिन मामले में फैसला नहीं हो सका था।
कोर्ट में दिया गलत बयान
सविता ने कोर्ट में बयान दिया था कि ब्रजेंद्र से उसका आपसी सहमति से तलाक हो गया था, जबकि ऐसा नहीं हुआ था। सविता तारीख पर नहीं पहुंच सकी थी, जिससे उसकी अर्जी खारिज कर दी गई थी। पुलिस इसके साक्ष्य भी विवेचना में शामिल करेगी।
प्रेमी को दिया था 20 लाख में मकान
पुलिस की जांच में पता चला कि सविता ने 50 लाख रुपये कीमत के मकान को महज 20 लाख रुपये में अपने प्रेमी को बेचा था। उस दौरान उसने अपने दस्तावेजों में खुद को सरकारी नौकरी होना दर्शाया था, जिससे कि स्टांप शुल्क कम देना पड़े।