सरवनखेड़ा। गजनेर सीएचसी में प्रसव के बाद ब्लीडिंग बंद न होने से एएनएम की हालत बिगड़ गई। उपचार के लिए कानपुर ले जाने के दौरान उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने मूसानगर में अंतिम संस्कार कर दिया है।
गजनेर निवासी नीलम यादव (30) कस्बा में संचालित आयुष्मान आयोग्य मंदिर में एएनएम के पद पर तैनात थीं। सोमवार शाम पांच बजे प्रसव पीड़ा शुरू होने पर पति जितेंद्र यादव ने उनको गजनेर सीएचसी में भर्ती करवाया। रात 10 बजे उन्होंने सामान्य प्रसव से बेटी को जन्म दिया। प्रशव के बाद ब्लीडिंग बंद न होने पर डॉ. सलिल सचान ने रात 12 बजे उसको मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
वहां भी स्वास्थ्य सुधार न होने पर परिजन उनको कानपुर के एक निजी अस्पताल ले जा रहे थे मगर रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। अनहोनी पर परिजन रोने लगे। उन्होंने बताया कि मृतका के पति लखनऊ कमिश्नरेट में सिपाही के पद पर तैनात हैं। उनका एक पांच साल का बेटा अक्षित है। परिजन ने मूसानगर के हलिया घाट पर एएनएम का अंतिम संस्कार किया है। प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. सलिल सचान ने बताया की प्रसव के बाद घबराहट व ब्लीडिंग होने पर एएनएम को रेफर किया गया था। मेडिकल कॉलेज से कानपुर ले जाने के दौरान उनकी मौत हुई है।