उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के माधौगढ़ में चक्रवाती पश्चिमी विक्षोभ से आई अचानक बेमौसम तेज आधीं ओलावृष्टि किसानों पर आफत बनकर टूटी। लेखपाल सर्वे को लेकर मीन मेख निकाल रहे हैं,वही कुछ गांवाें लेखपाल ने पहुंचना भी जरूरी नहीं समझा। जिससे नाराज किसानों ने रोड जाम कर दिया।
किसान इस दौरान मौके पर विधायक और जिलाधिकारी को बुलाने की मांग करते रहे। मौके पर पहुंचे एसडीएम, सीओ, तहसीलदार ने किसानों से नुकसान का सौ प्रतिशत सर्वे कराकर मुआबजा दिलवाने के आश्वासन दिया जिसके बाद जाम हटाया जा सका। तहसील माधौगढ क्षेत्र में शनिवार रात तेज आंधी के साथ जबरदस्त ओलावृष्टि से किसानों की फसलें सरसों, चना, मटर, मसूर, वेझर, गेहूं में भारी नुकसान हुआ है।
पाचं वर्षो से दैवीय आपदा से जूझ रहे किसानों पर ओलावृष्टि आफत बन कर टूट पड़ी। जिससे किसानों के सामने संकट खडा़ हो गया है। लेखपाल कृष्ण मुरारी केलोर गांव पहुंचे। वह गांव के एक घर में बैठकर सर्वे की रिपोर्ट तैयार करने लगे। किसानों ने मौके पर सर्वे करने की बात कही, लेखपाल कृष्ण मुरारी का साफ कहना था कि पैसा कम मिल पाएगा।
जिससे नाराज किसान वीरेन्द्र सिह, महेन्द्र सिंह, मनोज सिह, रोहित सिह, धर्मेन्द्र सिह, रामदास पाल, मनोज, लाखन, नरेश सहित आधा सैकडा़ किसानों ने माधौगढ जालौन रोड जाम कर दिया। किसानों का कहना था कि बरसात में पानी निकासी न होने से 500 बीघा में खडी़ खरीफ की फसल सड़ गई थी, जबकि बैंकों ने बीमा के 4200-4200 रूपये काट लिए थे। एसडीएम सालिकराम, तहसीलदार प्रेमनारायण ने फसल का सौ प्रतिशत सर्वे कराकर मुआबजा दिललाने की बात पर जाम खोला गया।