घटना के बाद सीडीपीओ से पूछताछ करती पुलिस
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महोबा विकास खंड पनवाड़ी के ग्राम छाछरी में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बैठक के दौरान सीडीपीओ की अभद्रता से नाराज होकर हाथ की नस काट ली। जिससे हड़कंप मच गया। मामला दस दिन पूर्व राज्य महिला आयोग से सीडीपीओ के भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर बिगड़ा था। इसी बात से वह नाराज चल रहीं थीं।
जानकारी के मुताबिक मिनी आंगनबाड़ी केंद्र छाछरी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यासमीन खातून ने 21 अगस्त 2019 को राज्य महिला आयोग की सदस्या प्रभा गुप्ता के महोबा आगमन पर क्षेत्र की सीडीपीओ गीता राजपूत के खिलाफ भ्रष्टाचार में लिप्त होने और सहायिकाओं का उत्पीड़न की शिकायत की थी। इससे सीडीपीओ नाराज थी।
शनिवार को कार्यालय सभागार में क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की बैठक में यासमीन खातून भी पहुंच गई। यासमीन को देखकर सीडीपीओ आग बबूला हो गई और बैठक में ही उसके साथ अभद्रता करने लगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नौकरी से निकलवाने की धमकी दी।
इस अपमान से आहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने हाथ की नस काट ली। जिससे बैठक में अफरा-तफरी मच गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं दो गुटों में बंट गई। जिससे माहौल बिगड़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
इधर आंगनबाड़ी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी से प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। सीडीपीओ गीता राजपूत ने बताया कि वह अपने कार्यालय में क्षेत्र की आंगनबाड़ी और सहायिकाओं की बैठक ले रही थी।
छाछरी में तैनात यासमीन ने 21 अगस्त को महोबा आगमन पर राज्य महिला आयोग की सदस्या से झूठी शिकायत की थी जबकि उन्होंने किसी का शोषण और उत्पीड़न नहीं किया जाता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इनकी झूठी शिकायत कर उन्हें हटवाकर इंचार्ज सीडीपीओ बनना चाहती है।