मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के गृहनगर इटावा में रविवार को एक गर्भवती महिला ने सड़क किनारे एक बच्चे को जन्म दिया। दो घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार किया गया लेकिन वक्त पर एबुंलेंस नहीं पहुंची। जब महिला बच्चा जन चुकी थी इसके बाद एंबुलेंस वहां पहुंची। वहीं सीएम अखिलेश यूपी विधानसभा चुनाव प्रचार में प्रदेश की एंबुलेंस सेवा की बड़ाई करते नहीं थकते...
2 घंटे सड़क पर तड़पती रही गर्भवती महिला
डेमो पिक
इस एक मामले ने अखिलेश सरकार के इस दावे को धता साबित कर दिया। मामला तूल पकड़ता जा रहा है। छीछा लेदर शुरू हो गई है। विपक्षी इस मुद्दे को लेकर अखिलेश सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं।
यह मामला इटावा के बकेवर इलाके का है। रविवार को गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने पर लखना नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया जा रहा था। लेकिन रविवार होने के कारण स्वास्थय केंद्र में कोई नहीं मिला। इसके बाद महिला की पीड़ा और बढ़ गई। एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया। लेकिन वक्त पर गाड़ी नहीं पहुंची और महिला काफी देर तक सड़क पर ही छटपटाती रही। सूचना पर एंबुलेंस सेवा मौके पर पहुंची परंतु तब तक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। प्रसव होने के बाद महिला अपने गंतव्य को वापस चली गई। बताया जा रहा है कि सूचना मिलने के दो घंटे बाद एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची थी।
महिलाओं ने सड़क पर की गर्भवती की ओट
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फतेहपुर जिले के मुरान गांव निवासी सुनील कुमार अपनी पत्नी सोनी देवी के साथ लखना कस्बा स्थित केएल ईंट भट्टे पर ईंटें पाथने का काम करते हैं। सुनील की पत्नी सोनी देवी गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर वह अपने पति के साथ रविवार की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डिलीवरी के लिए आई थी। रविवार होने के कारण अस्पताल में कोई कर्मचारी नहीं था।
जिसके चलते वह वापस ईंट भट्टे पर लौट रही थी। कस्बे के बाईपास मार्ग पर पहुंचने पर उसे और जोर से प्रसव पीड़ा होनी शुरू हो गई। जैसे ही सड़क के किनारे बैठी कि डिलीवरी हो गई। आसपास रहने वाले लोगों ने महिला को बच्चा जनता देख पहले सड़क पर ओट की फिर 108 एंबुलेंस सेवा को फोन भी किया। मगर एंबुलेंस सेवा 2 घंटे बिलंव के बाद जब मौके पर पहुंची जब महिला पूर्ण रूप से स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के बाद अपने पति के साथ अपने गंतव्य को चली गई।