शासन-प्रशासन के लाख दावों के बाद भी इलाज के अभाव में संक्रमितों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बर्रा-4 निवासी ई-रिक्शा चालक विनय कुमार भट्ट (43) का अस्पताल में बेड न मिलने के कारण घर पर ही इलाज चल रहा था।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में शासन-प्रशासन के लाख दावों के बाद भी इलाज के अभाव में संक्रमितों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बर्रा-4 निवासी ई-रिक्शा चालक विनय कुमार भट्ट (43) का अस्पताल में बेड न मिलने के कारण घर पर ही इलाज चल रहा था।
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बुधवार को तबीयत ज्यादा खराब हुई तो एंबुलेंस (108) बुलाई गई। एंबुलेंस वालों ने संक्रमित को हाथ तक नहीं लगाया। उनके बहनोई आलोक शर्मा उन्हें अकेले एंबुलेंस में बैठा नहीं पाए तो वे लोग मरीज को छोड़कर ही चले गए। इसके एक घंटे बाद विनय की मौत हो गई। 23 अप्रैल को उनकी रिपोट पॉजिटिव आई थी। परिवार में पत्नी भावना और एक बेटा व बेटी है।
डीएम, सीएमओ ने नहीं दिया जवाब
पड़ोसियों ने डीएम आलोक तिवारी से फोन पर बातचीत कर उन्हें व्हाट्सएप पर पूरी डिटेल भेजी। आरोप है कि इसके बाद डीएम को कई फोन किए गए, मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। सीएमओ को भी कई बार फोन मिलाया लेकिन उठा नहीं। मैसेज का भी कोई जवाब नहीं दिया।