ब्लैक मनी वापस लाने काे लेकर चलाई जा रही केंद्र सरकार की मुहिम रंग लाने लगी है। देशभर में चार माह अायकर विभाग की सख्ती ने बड़े-बड़ाें के पसीने छुड़ा दिए। जहां भी छापेमारी हुई वहां से सच्चाई सामने अा गई। इन सब के बीच कराेड़ाे ब्लैक मनी भी सामने अाई। शुक्रवार काे ब्लैक मनी सरेंडर करने का अाखिरी दिन था। एेसे में देश के कई हिस्साें में कई लाेगाें ने अपनी काली कमाई का ब्याेरा अायकर विभाग काे दे दिया। इसमें एक एेसा भी शहर है जहां से अकेले 3000 कराेड़ रूपये की ब्लैक मनी सरेंडर हुई है। अाइए जानते हैं किस शहर से मिला बड़ा खजाना..
एक दिन में साै कराेड़ रूपये
ब्लैक मनी
आपको सुनकर हैरानी होगी कि अकेले पश्चिमी यूपी अाैर उत्तराखंड से करीब 6000 से अधिक की ब्लैक मनी सरेंडर हुई है। इसमें कानपुर परिक्षेत्र से 3000 कराेड़ रूपये शामिल है। इसे इनकम डिक्लेरेशन स्कीम (आईडीएस) के तहत सरेंडर किया गया है। अायकर विभाग ने अपनी काली कमाई सरेंडर करने वालाें के नाम फिलहाल नहीं जारी किए हैं। अधिकारियाें का कहना है कि अाखिरी दिन शुक्रवार की रात तक कानपुर से करीब तीन हजार कराेड़ रूपये सरेंडर किए गए हैं।
अंधेरे में रखने वालाें पर कसेगा शिकंजा
ब्लैक मनी
सरकार ने अभी तक स्वेच्छा से अपनी काली कमाई का ब्याेरा देने काे कहा था। शुक्रवार 30 सितंबर काे इसका अाखिरी दिन था। अब सरकार ने अायकर विभाग के अधिकारियाें काे उनपर कार्रवाई के लिए बाेला है जाे अभी भी सरकार काे अंधेरे में रखे हुए हैं। इसके लिए दूसरे विभागों से आउट सोर्सिंग की भी तैयारी चल रही है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इनकम डिक्लेरेशन स्कीम में हिस्सा लेने वालों की सूची तैयार कर उन्हें अलग किया जाएगा। इसके बाद योजना का लाभ नहीं लेने वाले हर वर्ग के लोगों की टॉप-25 लिस्ट बनेगी। इसमें कारोबारी, प्रोफेशनल, नौकरी पेशा वाले, बिल्डर और राजनेता शामिल होंगे। यह अभियान किसी समय सीमा में नहीं बंधा।