बाल दिवस के अवसर पर अमर उजाला कार्यालय में एक अनोखे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां कानपुर शहर के विभिन्न स्कूलों से छात्राअों को बुलाकर अखबार का संपादन कराया गया। अतिथि संपादकों ने मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय पहुंचकर अपनी तर्कक्षमता के आधार पर खबरों का संपादन किया। अखबार की विशेष खबरों, फोटो का चयन किया। साथ ही अखबार की कार्यप्रणाली को भी समझा।
विज्ञापन
ये हैं अतिथि संपादकों की पसंदीदा खबरें
2 of 7
अतिथि संपादकों ने अमरउजाला का किया संपादन
मौसम की राष्ट्रीय कार्यशाला में होगी शहर के प्रदूषण पर चर्चा
मौसम विज्ञान पर कर्नाटक में होने वाली राष्ट्रीय कार्यशाला में शहर के बढ़ते प्रदूषण पर भी चर्चा होगी। चंद्रशेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्थापित मौसम विभागाध्यक्ष नौशाद खान विशेष रूप में इस कार्यशाला में शामिल होने कर्नाटक के विजयापुर जा रहे हैं। कार्यशाला 15 से 17 नवंबर तक चलेगी। जिसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को जाएगी।
पिछले करीब तीन वर्षों से कानपुर की हवा में प्रदूषण की स्थिति भयावह होती जा रही है। इस बार दिवाली में प्रदूषण 11 गुना तक बढ़ गया। आम दिनों में भी यह सामान्य से तीन से चार गुना रहता है। नौशाद अली ने बताया कि भारतीय मौसम को लेकर होने वाली इस कार्यशाला में देश और दुनिया के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसमें बढ़ते प्रदूषण की वजह से मौसम में हो रहे बदलाव को लेकर सभी विशेषज्ञ अपना शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यशाला में खासतौर पर कानपुर, दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद में लगातार बढ़ते प्रदूषण पर चिंतन मनन होगा। जिसमें कानपुर प्रमुख होगा।
नौशाद अली का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में प्रदूषण की स्थिति काफी बिगड़ी है, इसमें कानपुर सबसे ऊपर रहा है। प्रदूषण की स्थिति के लिए सबसे ज्यादा उस स्थान पर रहने वाले लोगों को ही जिम्मेदार माना गया है। ऐसी स्थिति में कार्यशाला के बाद जो रिपोर्ट तैयार होगी, उसमें सबसे बड़ा मसला सड़कों पर चलने वाले वाहन होंगे। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
3 of 7
अतिथि संपादकों ने अमरउजाला का किया संपादन
रामादेवी से एयरपोर्ट तक रास्ता होगा साफ
रामादेवी से एयर पोर्ट आने-जाने वालों को जाम से निजात दिलाने के लिए एसएसपी अनंत देव ने तैयारी कर ली है। उन्होंने ट्रैफिक सुधार की योजना में रामादेवी से चकेरी रोड को शामिल किया है। इस रोड को कॉरीडोर बनाकर पूरे मार्ग का अस्थाई अतिक्रमण हटाया जाएगा, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था सुगम हो सके। इस योजना में दो और मार्गों को चुना गया है। जल्द ही पुलिस, प्रशासनिक और नगर निगम के अफसरों टीम के साथ इन तीनों मार्गों को क्लीयर कराएंगे।
शहर के लोग प्रतिदिन जगह-जगह जाम से जूझ रहे हैं। कई बार समय से लोग एयरपोर्ट और सेंट्रल व बस स्टेशन नहीं पहुंच पाते हैं। इससे उनकी फ्लाइट, रेल व बस छूट जाती है। इसकी वजह से शहर की छवि दूसरे प्रांतों और देशों में धूमिल हो रही है। एसएसपी ने लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए रणनीति तैयार की है। एसएसपी ने बताया कि शहर के तीन व्यस्ततम मार्गों को चिन्हित किया गया। स्वरूप नगर थाने से विजय नगर, नरौना चौराहे से घंटाघर और रामादेवी से चकेरी मार्ग को चुना गया है।
स्वरूप नगर से विजय नगर चौराहे के बीच मेडिकल कालेज ओवर ब्रिज, मरियमपुर चौराहे, फजलगंज चौराहा और विजय नगर चौराहे पर जाम लगता है। नरौना चौराहे, एक्सप्रेस रोड और घंटाघर चौराहे तक जाम लगता है। इसी तरह रामादेवी चौराहा से चकेरी के बीच भी दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। इन तीनों मार्गों पर सड़क के किनारे दोनों तरफ ठेली-ठेलिया, ई-रिक्शा व टेंपो-ऑटो आड़े-तिरछे खड़े होना जाम की मुख्य वजह है। एसएसपी ने बताया कि इन मार्गों से अस्थाई अतिक्रमण संबंधित सर्किल के सीओ. एसीएम और नगर निगम के अफसर टीम के साथ हटवाएंगे। दुबारा अतिक्रमण हुआ तो संबंधित चौकी प्रभारी जिम्मेदार होगा। उसके खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी।
4 of 7
अतिथि संपादकों ने अमरउजाला का किया संपादन
ये चौराहे हुए चिह्नित
बड़ा चौराहा, रमादेवी, कल्याणपुर, नरौना, घंटाघर, जरीब चौकी, चुन्नीगंज, टाटमिल, किदवई नगर, अफीम कोठी, विजय नगर, गोविंद नगर का चावला चौराहा, बर्रा का यादव मार्केट, यशोदा नगर, गोपाला टावर, बिल्हौर और कंपनीबाग
ट्रैफिक वालिंटियर करेंगे मदद
एसएसपी ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए ट्रैफिक वालंटियर की मदद ली जाएगी। एसएसपी के मुताबिक थानास्तर ट्रैफिक वालंटियर बनाने का काम शुरू हो गया है। तमाम लोग इस काम में आगे आए हैं, जिन्होेंने श्रमदान करने की मंशा जताई है। इन वालंटियरों को व्यवस्तम मार्गों व चौराहों पर पीक आवर्स में ट्रैफिक संचालन में मदद ली जाएगी। इन वालंटियरों को ट्रैफिक नियमों का पालन कराने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
5 of 7
अतिथि संपादकों ने अमरउजाला का किया संपादन
तीन सप्ताह तड़के न निकलें मॉर्निंग वॉक को
वायु मंडल में समाए प्रदूषण को देखते हुए कम से कम तीन सप्ताह तड़के मॉर्निंग वॉक के लिए न निकलें। हिमालयन इंटरनेशनल योगा साइंस एंड फिलोसोफी के जनरल सेक्रेटरी अवधेश मिश्र का कहना है कि इस मौसम में सूर्योदय के बाद ही घर के बाहर निकलें। सूर्योदय के पहले मॉर्निंग वॉक से नुकसान हो सकता है। उन्होंने लोगों को नाड़ी शोधन योगिक क्रिया के अभ्यास की सलाह दी है। इससे व्यक्ति के सांस की स्थिति सुधरेगी। प्रदूषण से सांस फूलने की दिक्कत में भी राहत मिलेगी। ऐसे मौसम में हल्का और सादा सुपाच्य भोजन करें। मौसमी फलों और सब्जियों के सेवन से प्रदूषण से शरीर के अंदर गए विषाक्त तत्व निकल जाएं या बेअसर हो जाएंगे।
विज्ञापन
6 of 7
अतिथि संपादकों ने अमरउजाला का किया संपादन
प्रदूषण के नुकसान से बचने के लिए यह करें
- खूब पानी पिएं, जिससे घातक रसायन शरीर से निकल जाएं
- मौसमी ताजा फल खाएं। इसके एंटी ऑक्सीडेंट प्रदूषण के विषैले तत्वों से बचाएंगे
- जूस कतई न पिएं। इससे नुकसान हो सकता है। पूरा फल खाएं
- पूरी नींद लें। नींद के दौरान सेहत वाले रसायन का शरीर में रिसाव होता है
- आधा घंटे व्यायाम जरूर करें। इससे शरीर में प्रदूषण का नुकसानदेह प्रभाव कम होगा
- घी-तेल से बने गरिष्ठ भोजन का सेवन न करें
- हाई प्रोटीन डाइट के लिए दालों का सेवन करें।
एेसा हो खानपान
- हरी पत्तियों वाली सब्जियां खाएं
- मोटा अनाज, अंकुरित अनाज का सेवन करें
- बथुआ, चौलाई, सोया मैथी लें।
- योगिक क्रियाओं का अभ्यास करें
- धूप निकलने पर ही बाहर टहलने निकलें
- फल और सलाद ज्यादा खाएं
- दो पहिया वाहन से निकलें तो मास्क लगा लें
- आइसक्रीम, फास्ट फूड का सेवन न करें
- गरिष्ठ भोजन से बचें, सादा भोजन करें
- घर के गमलों में अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाएं।