फर्रुखाबाद जिले में घुमना चौकी प्रभारी पर बंधक बनाने और रस्सी से हाथ बांध कर बाजार में घुमाने का आरोप लगाया गया है। दरोगा के खिलाफ अदालत में पीड़ित ने परिवाद दर्ज कराया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रावली में अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रकरण की विवेचना करने का आदेश शहर कोतवाल को दिया है। 11 जून तक विवेचना की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खतराना स्ट्रीट निवासी दिनेश चंद्र चौरसिया ने घुमना चौकी प्रभारी तेज बहादुर सिंह के खिलाफ अदालत में परिवाद दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि पांच दिसंबर 2018 को एक विवाद का प्रार्थनापत्र चौकी प्रभारी तेज बहादुर सिंह को दिया था। चौकी प्रभारी ने उल्टा उसको ही चौकी में बैठा लिया। शाम चार से रात दस बजे तक चौकी में बंधक बनाए रखा। इस बीच शाम को रस्सी से हाथ बांध कर सब्जी मंडी में घुमाया। इस स्थिति में काफी लोगों के देखने से उसके सम्मान को हानि हुई। चौकी में पीने को पानी नहीं दिया। मारपीट कर जेल भेजने की धमकी दी।
पीड़ित के अधिवक्ता दीपक द्विवेदी ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद एसीजेएम ने परिवाद में शहर कोतवाल को प्रकरण की विवेचना कर 11 जून को कोर्ट में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है ताकि पत्रावली पर अग्रिम कार्रवाई की जा सके।