कानपुर के उद्योगपति विक्रम कोठारी व उनके बेटे बेटे राहुल कोठारी को इलाहाबाद बैंक ने विलफुल डिफाल्टर घोषित किया है। दोनों मेसर्स रोटेमैक एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। बैंक ने विभिन्न क्रेडिट रेटिंग संस्थाओं को उनके नाम भेज दिए हैं। इलाहाबाद बैंक ने उनके फोटो प्रकाशित कर सभी को सूचित किया है कि उनके साथ होने वाले किसी भी लेनदेन में सावधानी बरतें।
तिलक नगर निवासी रोटोमैक ग्रुप के मालिक विक्रम कोठारी ने इलाहाबाद बैंक से 352 करोड़ रुपये कर्ज लिया था। कई साल तक इनका लोन एकाउंट अनियमित रहा, लेकिन बैंक प्रबधन चुप्पी साधे रहा। 28 अप्रैल 2016 को बैंक की तरफ से नोटिस जारी कर कोठारी को 235 करोड़ रुपये जमा करने को कहा गया था। तय समय पर कोठारी बैंक का कर्ज नहीं चुका पाए थे।
बैंक ने 27 जुलाई को बंधक संपत्तियों को अपने कब्जे में लेकर नीलामी का नोटिस जारी किया था। कोठारी की संपत्तियों को नीलाम कर 30-40 करोड़ रुपये की भरपाई बैंक कर सका था। बाकी कर्ज कोठारी पर बाकी है। पिछले साल सीबीआई ने कोठारी व उनके बेटे राहुल को जेल भेजा था।
इलाहाबाद बैंक प्रबंधन को लगता है कि विक्रम कोठारी व राहुल बैंक कर्ज नहीं चुका पाएंगे। इसलिए अब बैंक ने सिटी सेंटर माल रोड स्थित मेसर्स रोटोमैक एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कोठारी व उनके बेटे राहुल को विलफुल डिफाल्टर (जानबूझकर कर्ज अदायगी न करने वाले) घोषित कर दिया है। इसकी सूचना रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को भी दी है।