ओपीडी में पहुंचे लिवर का एंजाइम बढ़ने के रोगी
उनकी ओपीडी में बुखार के बाद लिवर का एंजाइम बढ़ने के रोगी आए हैं। बुखार के बाद रोगियों को लिवर की सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। वहीं नवाबगंज के रहने वाले आदित्य (55) की हाई ग्रेड बुखार के बाद मौत हुई। परिजनों ने बताया कि वह अस्थमा के रोगी रहे हैं। बुखार के बाद उनकी हालत बिगड़ गई थी। उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
यहां मिले डेंगू, चिकुनगुनिया और मलेरिया रोगी
कैलाशनगर, हरजेंदरनगर, बेकनगंज, पटेलनगर, कोयलानगर, रतन ऑर्बिट, श्यामनगर, लक्ष्मीपुरवा, नवाबगंज, कृष्णानगर, कुलीबाजार, कल्याणपुर, पुरानी दालमंडी, जाजमऊ, शिवराजपुर, पांडुनगर, ग्वालटोली, स्वरूपनगर, सीएसए आदि। इसके अलावा विभिन्न इलाकों के 87 घरों में डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लार्वा मिला है।
सगुनपुर गांव में कैंप लगा रोगी देखे
सरसौल क्षेत्र के सगुनपुर गांव में बच्चे की मौत के बाद गुरुवार को कैंप लगाकर रोगी देखे गए। 30 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। इनकी डेंगू की जांच की जाएगी। इसके साथ ही 15 सैंपल मलेरिया की जांच के लिए भेजे गए। सगुनपुर में बुधवार को देशराज के पुत्र आयुष (2) की मौत हो गई थी। इसके पहले जयराम (60) की मौत हुई थी।
स्क्रब टायफस की केजीएमयू में होगी जांच
कानपुर। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि स्क्रब टायफस को लेकर अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। अगर स्क्रब टायफस के लक्षण वाले रोगी आते हैं, उनके संबंध में सूचना देने के साथ सैंपल भेजें। सैंपल केजीएमयू भेज कर जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही संचारी रोग अभियान में भी स्क्रब टायफस को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
ये लक्षण हों...तो सतर्क हो जाएं
- बुखार के साथ शरीर पर चकत्ते।
- प्लेटलेट्स काउंट का कम होना।
- रोगी के लिवर में दिक्कत आना।
- सांस तंत्र में दिक्कत खड़ी होना।
केजीएमयू से 12 दिन के बाद भी रिपोर्ट नहीं आई
हाई ग्रेड फीवर और डेंगू के लक्षणों वाले जिन रोगियों के सैंपल केजीएमयू लखनऊ भेजे गए थे, उनकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई। जिला मलेरिया विभाग ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के जरिये 21 सैंपल दो सितंबर को भेजे थे। रिपोर्ट न आने से यह पता नहीं चल पा रहा है कि संक्रमण किस वायरस या बैक्टीरिया का था। मेडिकल कॉलेज ने भी अपने स्तर पर 24 रोगियों के सैंपल केजीएमयू लखनऊ भेजे हैं। सीनियर फिजीशियन डॉ. विशाल गुप्ता का कहना है कि मिश्रित लक्षणों से डेंगू, मलेरिया, हाई ग्रेड फीवर में फर्क मुश्किल हो जा रहा है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन का कहना है कि वे रिपोर्ट पता करेंगे।