लोकसभा चुनाव में शासन और प्रशासन भेदभाव कर रहा है, बेईमानी कराई जा रही है। उत्तर प्रदेश में खराब वोटिंग मशीनें लगा दीं और अपने यहां अच्छी लगाई हैं। कैराना में मशीनें खराब होने पर कहा था अधिक हैं इसलिए खराब हुईं और अब रामपुर में खराब होने पर कह रहे हैं अधिकारियों को ठीक से प्रशिक्षण नहीं मिला। इसका जिम्मेदार कौन है, जवाब कौन देगा। ये आरोप इटावा में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वोट डालने के बाद लगाए हैं।
अखिलेश यादव मंगलवार को करीब 11:15 बजे पत्नी डिंपल यादव के साथ सैफई के मतदान केेंद्र पर वोट डालने पहुंचे थे। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि सबसे पहले मैं मतदाताओं को बधाई देता हूं और ज्यादा से ज्यादा मतदान की अपील करता हूं।
बदायूं में सरकार के मंत्री एक घर में बैठकर मतदाताओं को फोन करके समझा रहे हैं कि वोट कहां डालना है
अखिलेश यादव
अधिक मतदान से दुनिया में भारत के निष्पक्ष मतदान का संदेश जाएगा। किंतु इधर कई जगह से सूचनाएं आ रही हैं कि वोटिंग मशीनें खराब हैं। रामपुर में सबसे ज्यादा मशीनें खराब हुईं हैं। ईवीएम खराब हुईं या वीवीपैट ये प्रशासन बताएगा। बदायूं में सरकार के मंत्री एक घर में बैठकर मतदाताओं को फोन करके समझा रहे हैं कि वोट कहां डालना है।
प्रदेश का प्रशासन बेईमानी पर लगा है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि आयोग हस्तक्षेप कर अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा। सूचना तो यहां तक मिल रही है कि उत्तर प्रदेश को पुरानी मशीनें दे दीं और अपने यहां नई लगा ली हैं। सोचिए इतना भेदभाव, मशीनों में भेदभाव, काम में भेदभाव। नफरत की राजनीति जनता वोट से खत्म करेगी।
सोचिए उनके बारे में बाबा के क्या विचार होंगे जो लोग रात मेें पहरा देते हैं उन्हें भी चौकीदार करते हैं
अखिलेश यादव
जो आग भाजपा ने लगाई थी वो पहले चरण में बुझ गई, दूसरे चरण में खाई कम हुई तीसरे चरण में भाजपा को पता चल जाएगा उसके खिलाफ कितना वोट पड़ा है। इसीलिए उनके भाषण बदल गए हैं, वो बौखला गए हैं। पांच साल में दिल्ली और प्रदेश की सरकार ने क्या किया। कम से कम काम तो बताएं। जिस बिल्डिंग में मतदान कर रहा हूं वह स्कूल भवन अच्छा बन गया।
इस भवन में स्कूल इसलिए नहीं चलाया जा रहा है क्योंकि ये समाजवादी पार्टी के गांव का स्कूल है। इस सरकार ने बस काम रोक दिए हैं। गठबंधन पूरी तरह से जीत रहा है और भाजपा का सफाया कर रहा है। सोचिए अच्छे दिन कहां हैं, नौकरी कहां है, व्यापार कहां है, सड़कें कहां बन रही हैं।
बाबा मुख्यमंत्री को कुछ नहीं समझ रहा है तो हम जैसों को कह रहे हैं कि जाओ भैंस चराओ। सोचिए उनके बारे में बाबा के क्या विचार होंगे जो लोग रात मेें पहरा देते हैं उन्हें भी चौकीदार करते हैं। प्रधानमंत्री कौन होगा के सवाल पर कहा कि कोई भी हो सकता है लेकिन इस बार देश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा।