दिन रात मेहनत कर फौज में भर्ती का सपना साकार करने की कोशिश करते हैं, लेकिन सरकार ने यह सपना ही तोड़ दिया। नौजवानों के अंदर जज्बा है कि वह फौज की वर्दी पहने और भारत की सेवा कर सकें। सेना की नौकरी अस्थाई कर फौज के सम्मान को गिराने का कार्य किया जा रहा है। सेना की नौकरी जज्बे की नौकरी होती है। सरकार बजट बचाने के लिए ऐसे निर्णय कर रही है।
उद्योगपतियों का साम्राज्य खड़ा किया जा रहा है और उद्योगपतियों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित लोग तैयार करने की योजना है, क्योंकि उद्योगपतियों की सुरक्षा कौन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार नफरत फैलाने वाली है और जाति-धर्म देखकर काम करती है।