जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के भाई निखिलेश दुबे की याचिका पर हाईकोर्ट ने उनके मकान के ध्वस्तीकरण पर फिलहाल रोक लगा दी है। निखिलेश को केडीए के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ दो सप्ताह में अपील करने और फिर चार सप्ताह में अपीलीय अधिकारी को उसका निस्तारण करने के निर्देश हाईकोर्ट ने दिए हैं।
अखिलेश दुबे को जेल भेजे जाने के बाद केडीए ने उसकी संपत्ति मकान नंबर 127/576 डब्ल्यू वन साकेतनगर जूही में बने मकान को ध्वस्त करने के आदेश किए थे। इसी आदेश के खिलाफ अखिलेश के भाई निखिलेश ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। केडीए की ओर से तर्क रखा गया कि आदेश के खिलाफ संभाग आयुक्त के सामने अपील करने का अधिकार निखिलेश को है। सीधे हाईकोर्ट आने का कोई औचित्य नहीं है। निखिलेश की ओर से तर्क रखा गया कि अपीलीय अधिकारी को अंतरिम राहत आवेदन पर जल्द विचार करने का निर्देश दिया जाए। अगर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो जाती है तो याचिका दाखिल करने का उद्देश्य ही बेकार हो जाएगा।