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भगवा रंग पर अखिलेश का करारा हमला, बीजेपी सरकार को दी ये नसीहत

Sun, 05 Nov 2017 03:35 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर

सार

- अखिलेश यादव ने लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित सचिवालय का रंग बदलने पर कसा
तंज
- रंग बदलने से विकास नहीं होता, विकास होने से रंग बदलता
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अखिलेश यादव
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विस्तार
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भगवा रंग पर अखिलेश यादव ने हमला किया है। बोले कि, रंग बदलने से विकास नहीं होता। विकास होने से रंग बदलता है। हमने विकास किया था तो राज्य का रंग बदला था। भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए तब प्रदेशवासियों का मन भी बदलता है।
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रंग बदले जाने पर कसा तंज

डेमो पिक
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लालबहादुर शास्त्री भवन स्थित सचिवालय एनेक्सी (मुख्यमंत्री कार्यालय) का रंग बदले जाने पर तंज कसा। अखिलेश ने कहा, समाजवादी सरकार ने मेट्रो रेल, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, जनेश्वर मिश्र पार्क और गोमती रिवरफ्रंट के जरिए राज्य की जनता को विकास के नए रंगों से परिचय कराया था। ये रंग जनता के मन में बस गए हैं। भाजपा ने खुद कुछ करने के बजाय समाजवादी सरकार के कामों को बदनाम करने और जांच के नाम पर अच्छे काम रोकने के अलावा कुछ नहीं किया है। भाजपा को जनता अपना रंग सन् 2019 के चुनावों में दिखाएगी।

 
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भाजपा सरकार पर पुरस्कार वितरण में रोड़े लगाने का आरोप

डेमो पिक
सपा अध्यक्ष ने कहा, सपा सरकार में जिन जनकल्याणकारी कामों की शुरूआत की गई थी उनको आगे बढ़ाने के बजाय या अपना कोई उल्लेखनीय काम दिखाने के बजाय भाजपा सरकार प्रदेश में पहले रोडवेज बसों का रंग बदलने में लग गई। इससे भी जी नहीं भरा तो अब सचिवालय एनेक्सी का रंग भी बदलने में दिनरात एक किए हुए है। भाजपा को समझना चाहिए कि इमारतों का रंग बदलने से राज्य नहीं बदलता है। भाजपा ने अपने गलत कामों से प्रदेश को बदरंग कर दिया है।


अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के इधर जो रंग बदले हैं, उससे जनता को उसके नए-नए रूप देखने-परखने का सुनहरा अवसर अवश्य मिल रहा है। उसका रवैया पूरी तरह बदले की भावना से भरा है। भाजपा ने पहले एम्बुलेंस सेवा 108 और 102 तथा गरीब महिलाओं के लिए पेंशन से ‘समाजवादी‘ शब्द हटाने का काम किया। कलाकारों, लेखकों, तथा पत्रकारों को दी जाने वाली यशभारती पेंशन रोक दी और हिन्दी, उर्दू तथा संस्कृत के विद्वानों को दिए जाने वाले पुरस्कारों के बंटने में भी रोड़े अटका दिए।
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