निलंबित सीओ ऋषिकांत शुक्ला पर वर्दी की आड़ में अखिलेश के करीबी रहते हुए 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति जुटाने का आरोप है। अखिलेश और ऋषिकांत की यह यारी करीब दो दशक पुरानी है। तब ऋषिकांत दरोगा थे और एनकाउंटर की फर्द लिखवाने के दौरान अखिलेश के संपर्क में आए थे।
अखिलेश इसी मदद के बाद ऋषिकांत का करीबी बन गया था। निलंबित सीओ ऋषिकांत शुक्ला वर्ष 1997 बैच के सब इंस्पेक्टर हैं। वह कानपुर में ही पले बढ़े हैं। वह यहां सर्वोदयनगर, शास्त्रीनगर, नवीन मार्केट, जूही चौकी प्रभारी भी रहे हैं। नौबस्ता, कोहना, काकादेव समेत कई थानों के थानाध्यक्ष रहे।
ऋषिकांत ने तैनाती के दौरान डी-टू गैंग के रफीक और बिल्लू को मुठभेड़ में मार गिराया था। पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी (जेल में हत्या हो चुकी) के शूटर अमित राय और चिंटू सिंह को वर्ष 2007 में किदवईनगर स्थित संजय वन के पास मुठभेड़ में मार गिराया था।
अजय कंजा, तन्नू पासी, राजेश करिया, इरफान चिकना जैसे शातिरों को मुठभेड़ में मार गिराने के कारण हमेशा चर्चा में रहे। आउट ऑफ टर्न प्रमोशन पाकर सबइंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर बनने के बाद वह तत्कालीन आईजी आलोक सिंह की क्राइम ब्रांच में भी तैनात रहे।