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जिनको नौकरी मिलनी चाहिए, उनको सरकार से लाठियां मिल रहीं: अखिलेश 

Wed, 30 May 2018 03:59 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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अखिलेश यादव
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर शिक्षामित्रों के मामले में बड़ा बयान दे डाला। सरकार को कोसते हुए अखिलेश ने अपने अॉफिशियल ट्विटर अकाउंट पर फिर से ट्वीट किया है। 

ट्वीट कर कहा कि जिनको नौकरी मिलनी चाहिए उनको सरकार से लाठियां मिल रही हैं, दुर्भाग्यपूर्ण!
 
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अखिलेश यादव
इससे पहले अखिलेश ने चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान कराने को लेकर बया दिया था। 

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैराना व नूरपुर में बड़े पैमाने पर ईवीएम व वीवीपैट में गड़बड़ी का उल्लेख करते हुए एक बार फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीनों से जनता का भरोसा उठता जा रहा है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए ईवीएम के बजाय बैलेट से चुनाव होना चाहिए।
 

सुना है उपचुनावों में EVM ख़ास तौर पर गुजरात से मँगाए गए थे. लगता है सूरत अब सिर्फ़ कपड़े बनाने का ही नहीं, सरकार बनाने का भी काम करने लगा है.

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 29, 2018
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अखिलेश यादव
अखिलेश यादव मंगलवार को पूर्व चौधरी चरण सिंह को श्रद्धासमुन अर्पित करने के बाद मीडियाकर्मियों से मुखातिब थे। कहा कि चौधरी चरण सिंह ने गांव, गरीब, किसान की खुशहाली के लिए जो सपना देखा था समाजवादी उसी रास्ते पर चल रहे हैं। उनके कर्मक्षेत्र में सोमवार को हुए मतदान में ईवीएमए व वीवीपैट खराब होने की शिकायतें बड़े पैमाने पर मिलीं। कड़ाके  की धूप में घंटों खड़े रहने के बावजूद लोग मतदान नहीं कर पाए। जिस तरह से ईवीएम खराब हैं, वीवीपैट मशीनें चल नहीं रही हैं, उससे संदेह पैदा हो रहा है। लोगों का भरोसा टूट रहा है।
 

आज कहा जा रहा है कि गर्मी के कारण EVM मशीन काम नहीं कर रही है, कल कहेंगे बारिश और ठंड की वजह से ऐसा हो रहा है. कुछ लोग जनता को लाइन में खड़ा रखकर अपनी सत्ता की हनक दिखाना चाहते हैं. हम पेपर बैलेट वोटिंग की माँग को एक बार फिर दोहराते हैं. #BackToBallotSaveDemocracy #NoToEVM

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 28, 2018



 
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अखिलेश यादव
कैराना व नूरपुर की घटनाओं से साबित हो गया है कि ईवीएम से मतदान लोकतंत्र के लिए खतरा है। सवाल यह भी है कि ये मशीनें उन्हीं इलाकों में क्यों खराब हुईं जहां रालोद, सपा व बसपा के वोटर थे। गरीब, मुस्लिम, दलित और किसान, मजदूर मतदान नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से शिकायतें आई हैं, हमें उम्मीद है कि निर्वाचन आयोग वहां दोबारा वोट डालने का मौका देगा। उन्होंने अंदेशा जताया कि मशीनें एक रणनीति के तहत मशीनें खराब की गईं थी।

हज़ारों EVM में ख़राबी की शिकायतें आ रही हैं. किसान, मज़दूर, महिलाएँ व नौजवान भरी धूप में अपनी बारी के इंतज़ार में भूखे-प्यासे खड़े हैं. ये तकनीकी ख़राबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साज़िश. इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जायेगी.

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 28, 2018


 
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