यूपी के कानपुर शहर में दिवाली और परेवा की रात लोगों ने इस कदर आतिशबाजी की कि उसका असर अगले दिन शुक्रवार को भी नजर आया। प्रदूषित कणों की अधिकता की वजह से नेहरू नगर में लगे आईआईटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ऑटोमेटिक पॉल्यूशन मीटर से रीडिंग मिलना ही बंद हो गई है। शहर पर धुएं की चादर छाई रही। शाम को ठंड बढ़ने के बाद यह और भी घनी हो गई। दिन भर आंखों में जलन होती रही।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय इकाई का अनुमान है कि दिवाली की रात 10 बजे तक एक्यूआई 800 के करीब रहा। परेवा की रात और शुक्रवार रात यह मात्रा 500-600 के बीच रहे होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक शाम चार बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक धुंध और कोहरे की वजह से भी प्रदूषण की स्थिति में इजाफा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि कोहरे की नमी में प्रदूूषित कण हवा के साथ मिलकर बाहर नहीं जा पाएंगे। इससे शहर के ऊपर कोहरे और प्रदूषित कणों की मोटी परत जमी रहेगी।
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यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि प्रदूषण मापक यंत्र पिछले दो दिन से खराब चल रहा है। इसकी वजह से रीडिंग लेना संभव नहीं है। यंत्र की जांच सोमवार को संभव हो पाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखा गया है।