ठंड का मौसम अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुआ और कानपुर शहर की हवा में प्रदूषण का जहर घुलना शुरू हो गया। पिछले वर्ष जाड़े में कानपुर की हवा देश के दूसरे शहरों से कई गुना ज्यादा प्रदूषित पाई गई थी। इस बार अभी से मानक से ज्यादा प्रदूषण चल रहा है। न तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइड लाइन काम आ रही है, न ही एनजीटी का आदेश। जब दिन में तापमान 20 से 25 के बीच होने लगेगा, तब प्रदूषण की स्थिति और भी भयावह होने की आशंका है।
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पिछले 15 दिनों से दोपहर के बाद से ही शहर की हवा में प्रदूषण की मात्रा एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बढ़ना शुरू हो जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक्यूआई का जो मानक रखा है, उसके अनुसार स्वस्थ व्यक्ति के लिए 100 एक्यूआई होना चाहिए।
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शहर और इसके आसपास की एक्यूआई की स्थिति सामान्य मात्रा से ऊपर चल रही है। बुधवार शाम चार बजे ही हवा में प्रदूषण की मात्रा 164 तक पहुंच गई थी। करीब आठ बजे तक यह रोज की तरह 200 से ऊपर पहुंच जाती है। पिछले दो दिन से रात का तापमान सामान्य से भी नीचे जाने की वजह से हवा में एक्यूआई की मात्रा तेजी से बढ़ रही है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि इस बार शुरू से ही प्रदूषण का मानक ऊपर चल रहा है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा का कहना है कि जल्द ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को प्रदूषण रोकने संबंधी गाइड लाइन भेजी जाएगी।
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यह होता है गाइड लाइन में
- शहर में कहीं भी कूड़ा न जलाएं।
- सड़कों के गड्ढों को भरा जाए जहां से धूल उड़ती है।
- सड़कों पर जाम न लगे, ऐसे में वाहनों के इंजन चालू रहने से धुआं एक साथ ऊपर जाता है।
हवा में एक्यूआई का मानक
- 100 सामान्य स्थिति
- 150 से लेकर 250 इस समय
- 70 प्रतिशत पहुंची हवा में नमी की मात्रा
- नमी की मात्रा बढ़ते ही प्रदूषण की परत मोटी होती जाती है
- 12.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान