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Kanpur News: डिब्रूगढ़ में तैनात वायु सैनिक, तिहाड़ में निरुद्ध युवक पर हुई थी सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट

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कानपुर। अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ शिकायतों की लिस्ट बढ़ती ही जा रही है। हर मामले में शिकायतकर्ता और पीड़ित अलग हैं, लेकिन एफआईआर में लिखाया गया घटनाक्रम लगभग एक सा है। ताजा मामला डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन में तैनात रहे बिधनू निवासी संजीत कुमार व चार अन्य से जुड़ा है। पांचों के खिलाफ एक युवती ने नरवल थाने में सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। पांचों शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वे एक दूसरे को जानते तक नहीं फिर सामूहिक दुष्कर्म कैसे करेंगे। बुधवार को संजीत कुमार की पत्नी राधा ने सीपी अखिल कुमार से मिलकर पति व अन्य का फंसाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीपी ने जांच एसआईटी को दे दी है।
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बिधनू के जरकला गांव की राधा की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक नरवल क्षेत्र की युवती ने 17 जून 2023 को उन्नाव के फरीद खान और उसके चार अज्ञात साथियों पर नशीला पदार्थ पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट करने की एफआईआर नरवल थाने में दर्ज कराई थी। युवती ने फरीद खान पर 2021 में शादी का झांसा देकर घंटाघर और उन्नाव के होटल में शारीरिक शोषण करने की बात कही। उसके चार दोस्तों में से एक पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया। उसने 17 फरवरी 2023 को फरीद खान द्वारा कॉल कर वीडियो व फोटो वायरल करने की बात कहकर 50 हजार रुपये मांगने का भी आरोप लगाया था। नर्वल पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के बाद पुलिस ने उनके पति संजीत कुमार, हरबंश मोहाल के मनीष बाजपेई, बर्रा आठ के सुरजीत प्रताप सिंह और नरवल के मयंक कुमार को नाम अज्ञात की जगह शामिल कर लिया। राधा और अन्य शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे पांचों एक दूसरे से पूर्व परिचित नहीं थे। जेल जाने के बाद उन्हें पता चला कि सभी पर एक ही मामले में कार्रवाई हुई है। एफआईआर कराने वाले युवती के पिता, बहन और बहनोई भी अखिलेश दुबे के साथी हैं। राधा के अनुसार नवरल थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच एसीपी कलक्टरगंज को ट्रांसफर की गई। एसीपी का होमगार्ड चालक युवती का जीजा है। वह भी अखिलेश दुबे का गुर्गा है।
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आरोप है कि पुलिस ने बताई गई घटना के वक्त उनके पति की तैनाती और उसी वक्त तिहाड़ जेल में निरुद्ध रहे मनीष बाजपेई को भी नजरअंदाज करते हुए उनके नाम रिपोर्ट में शामिल कर दिए। राधा का आरोप है कि मनीष बाजपेई का प्रॉपर्टी का विवाद हरबंशमोहाल थाने के हिस्ट्रीशीटर पिंकू सैनी से था। पिंकू सैनी तत्कालीन एक क्षेत्राधिकारी के साथ प्रॉपर्टी का काम कर रहा था। इसी वजह से मनीष बाजपेई का भी नाम अज्ञात की जगह खोला गया।
बर्रा आठ के सुरजीत प्रताप सिंह पत्रकारिता से जुड़े हुए थे। उन्होंने केडीए के खिलाफ कई खबर चलाई थीं। उनको एक बिल्डर के इशारे पर फंसाया गया। रिपोर्ट में नरवल के मयंक कुमार भी आरोपी हैं। वह उस समय हरियाणा की एक कंपनी में कार्य कर रहे थे। संजीत कुमार ने बताया कि उनके अलावा सुरजीत कुमार और मयंक कुमार ने हाईकोर्ट से एफआईआर पर प्रोसिडिंग स्टे ले रखा है। सीपी अखिल कुमार ने कहा कि महिला की शिकायत पर जांच एसआईटी को सौंपी गई है। मामले में कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की संभावना है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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युवती ने तीन और एफआईआर कराईं
राधा के मुताबिक उन्होंने सीपी को दस्तावेज सौंपे हैं। उनके पति और अन्य चार लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाले युवती नरवल थाने में दो और एफआईआर दर्ज करा चुकी है। उसके खिलाफ जांच की मांग की गई है।
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