ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंस (एम्स) के एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए 28 मई को हुई प्रवेश परीक्षा का पर्चा लीक होने का मामला सामने आया है।
दो पालियों में ऑनलाइन हुई परीक्षा के प्रश्न पत्र का स्क्रीन शॉट (कंप्यूटर की) सोशल मीडिया पर वायरल होने पर काकादेव कोचिंग के छात्रों ने मंगलवार को हंगामा कर दिया।
उन्होंने एक के बाद एक सैकड़ों ई-मेल पीएम मोदी को भेजकर परीक्षा रद्द करने की मांग की। छात्रों की शिकायत पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
निम्स काकादेव कोचिंग के डायरेक्टर नीतेश सिंह ने बताया कि शहर में एम्स प्रवेश परीक्षा के लिए सात परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसमें पांच हजार से ज्यादा परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। यदि परीक्षा दोबारा नहीं हुई तो आंदोलन हो सकता है।
ऑनलाइन होती है परीक्षा
काकादेव के छात्रों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन परीक्षा कंप्यूटर पर होती है। परीक्षा केंद्र में मोबाइल व किसी तरह का इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद मोबाइल से प्रश्न पत्र का स्क्रीन शॉट खींचा गया और बाहर भेजा गया है। पेपर के साथ उसकी आंसर की भी वायरल हुई है।
यूपी से आउट हुआ पेपर
छात्रों का आरोप है कि पेपर यूपी से ही आउट हुआ है। बताया जाता है कि दिल्ली क्राइम ब्रांच को भी इसके सबूत मिले हैं। चूंकि यूपी में महज सात केंद्र बनाए गए थे, इसलिए कानपुर के परीक्षा केंद्र भी संदेह के घेरे में है।