एआई युक्त वेंटिलेटर खुद बताएगा गड़बड़ी
-मेडिकल कॉलेज को 20 एडवांस वेंटिलेटर मिले
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को 20 एडवांस वेंटिलेटर मिले हैं। ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) युक्त हैं। वेंटिलेटर की गड़बड़ी होने पर ये खुद चेतावनी जारी कर देंगे। इसके साथ रोगी को जरूरत के लिहाज से आक्सीजन सप्लाई को समायोजित भी कर देंगे। शासन ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी है। वेंटिलेटर 31 अक्टूबर तक खरीदे जाने हैं ।
मेडिकल कॉलेज ने अगस्त में वेंटिलेटर का प्रस्ताव शासन को भेजा था। कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय काला ने बताया कि शासन से मंजूरी आ गई है। इसके आदेश दे दिया गया। उन्होंने बताया ये अत्याधुनिक और तकनीकी रूप से सबसे एडवांस वेंटिलेटर हैं। इन्हें वयस्क और बालरोगियों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। अभी दोनों के लिए अलग अलग वेंटिलेटर का इस्तेमाल होता है।
उन्होंने बताया कि आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस युक्त होने से रोगी की स्थिति में बदलाव होने पर ये अपने को तुरंत अपडेट कर लेंगे। गंभीर रोगियों के लिए इनका इस्तेमाल अधिक सुरक्षित रहेगा। किसी चूक की गुंजाइश न्यूनतम हो जाएगी। ज्यादा संख्या में वेंटिलेटर को मेडिसिन विभाग में लगाया जाएगा। मेडिसिन विभाग के आईसीयू, एचडीयू और वार्ड में वेंटिलेटर लगेंगे। इसके अलावा चार वेंटिलेटर हैलट इमेरजेंसी में लगेंगे। गंभीर रोगी को शिफ्ट करने के बजाए मौके पर ही सुविधा मिल जाएगी।
डॉ काला ने बताया कि दो वेंटिलेटर सर्जरी विभाग में लगाएंगे। इससे सर्जरी के गम्भीर रोगी की अचानक तबियत बिगड़ने पर उसे आईसीयू शिफ्ट नहीं करना पड़ेगा। अगर जरूरत पड़ेगी तो बाल रोग स्त्री रोग विभाग के आईसीयू में भी इन वेंटिलेटर का उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने बताया राजकीय मेडिकल कॉलेजों में जीएसवीएम में पहली बार ये एडवांस वेंटिलेटर आ रहे हैं।
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ये फायदा
-नली ब्लॉक होने पर चेतावनी देंगे
-कार्बन डाई आक्साइड बढ़ने पर चेतावनी
-रोगी को ऑक्सीजन जरूरत होने पर अपने आप फ्लो बढेगा
-रोगी की हालत बिगड़ने पर चेतावनी