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एग्रीकल्चर में रुचि रखने वालों के लिए खुशखबरी, यहां स्टार्टअप का मिलेगा बेहतरीन मौका

Mon, 15 Oct 2018 11:08 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी, सीड मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोडक्शन और वैल्यू एडिशन पर विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
- स्टार्टअप इंवेस्टर्स से दिलाएंगे आर्थिक मदद, होगा समझौता
 
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सीएसए कानपुर
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विस्तार
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एग्रीकल्चर, फूड प्रोडक्शन, सीड मैन्युफैक्चरिंग और मैनेजमेंट में रुचि रखने वालों के लिए खुशखबरी है। कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में एग्रो स्टार्टअप का बड़ा सेंटर विकसित किया जाएगा। इसमें खास तौर पर महिलाओं को उद्यमिता के गुर सीखाए जाएंगे। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए ज्यादा से ज्यादा एग्रो स्टार्टअप शुरू कराने का प्लान है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से इसके लिए अलग-अलग तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे। विशेषज्ञों का पैनल किसानों, महिलाओं और युवाओं को पहले आइडिया तैयार करने का प्रशिक्षण देंगे। इसके बाद उसे शुरू करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।

आर्थिक मदद दिलाने के लिए भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्टार्टअप इंवेस्टर्स से समझौता करने का फैसला लिया है। कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन ने बताया कि एग्रो स्टार्टअप पर फरवरी में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का कांक्लेव भी होगा जिसमें देश-दुनिया की कई बड़ी हस्तियां आएंगी। इसमें कोशिश रहेगी कि कई एग्रो स्टार्टअप कंपनियों की शुरुआत का एलान किया जा सके।
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 टॉप-10 रैंकिंग में लाने की तैयारी 

सीएसए कानपुर
कृषि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में सीएसए को टॉप-10 में शामिल करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को कुलपति से मिलकर विश्वविद्यालय की रैंकिंग और एकेडमिक गुणवत्ता में सुधार के लिए निर्देश दिए थे।

कहा था कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों को आईसीएआर रैंकिंग के टॉप-10 में शुमार विश्वविद्यालयों का भ्रमण कराया जाए। उनकी अच्छी चीजें सीएसए में भी शुरू कराई जाए।
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सीएसए कानपुर
जैविक सब्जियों का कराया जाए उत्पादन
कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन ने बताया कि कृषि मंत्री से वार्ता में तय हुआ है कि विश्वविद्यालय में जैविक सब्जियों के उत्पादन पर फोकस किया जाएगा। इसके बीज किसानों तक पहुंचाए जाएंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय में तैयार होने वाली सब्जियों के लिए अलग से बिक्री केंद्र बनाने और शहरवासियों तक जैविक सब्जी पहुंचाने की बात तय हुई है। 

सीएसए घूमने का दिया जाएगा मौका 
प्रो. सोलोमन ने बताया कि विश्वविद्यालय को एग्रो टूरिज्म हब बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए नाममात्र का शुल्क लिया जाएगा। अलग-अलग मौसम में अलग-अलग फसलों की खूबसूरती दिखाई जाएगी। नवंबर-दिसंबर में जब प्रदूषण का स्तर शहर में ज्यादा होगा तो भी लोग यहां आकर स्वच्छ हवा का आनंद ले सकेंगे। 
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