शिवली। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कानपुर द्वारा गोद लिए गए जैव संवर्धित गांव अनूपपुर में शुक्रवार को कृषि गोष्ठी की गई। कृषि वैज्ञानिकों ने फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत बीज की बुवाई पर जोर दिया। कहा कि अंकुरण का परीक्षण कर किसान बीज की गुणवत्ता का पता लगा सकते हैं। इससे नुकसान का खतरा टाला जा सकता है।
गोष्ठी बीज प्रौद्योगिकी शोध परियोजना के अंतर्गत की गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीवी गंगवार ने बताया कि फाउंडेशन या प्रमाणित बीज नहीं होने पर जमाव, वृद्धि और उत्पादन के स्तर पर गिरावट देखी गई है। इससे लागत व मेहनत के बाद भी अपेक्षित उत्पादन नहीं होता है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उन्नत बीज आसानी से उपलब्ध हैं। थोड़ी सी सतर्कता बरत कर किसान उत्पादन बढ़ाकर आय दोगुनी कर सकते हैं।
केवीके के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि किसान बुवाई के पूर्व बीजों का अंकुरण परीक्षण कर सकते हैं। रैंडम बीज लेकर सौ बीजों को भीगे कपड़े या फिर गमले में बोकर अंकुरित बीजों की गिनती कर फीसदी जमाव का पता लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बीज की गुणवत्ता का पता करने से फसल नुकसान का खतरा नहीं रहता है। डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. यूडी अवस्थी, डॉ. मनोज कटियार आदि ने भी किसानों को जरूरी जानकारी दी।