कानपुर देहात। प्रदेश सरकार ने मक्का खरीद के लिए क्रय केंद्र खोलने का फैसला लिया। इससे मक्के की पैदावार करने वाले किसानों को राहत मिलेगी। क्रय केंद्र न होने से अभी किसान अपनी उपज कम दामों पर बेचने को मजबूर था। जिले में खाद्य विभाग पांच क्रय केंद्रों पर मक्का की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य 1850 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से करेगा। अमर उजाला ने क्रय केंद्र खोलने पर निर्णय नहीं आने से उपजी समस्या 9 अक्टूबर को प्रमुखता से उठाई थी। इसके बाद यह कदम उठाया गया है।
खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए मक्का की सरकारी खरीद की रूपरेखा नहीं बन सकी थी। क्रय केंद्र बनाने का कोई निर्णय नहीं आने से किसानों में मायूसी थी। खुले बाजार में मक्का 1150 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल में बिकने से किसान ठगा सा महसूस कर रहे थे। समर्थन मूल्य छलावा साबित हो रहा था। किसान मक्का उपज के सही दाम पाने को भटक रहे हैं। किसानों का कहना था कि सरकारी क्रय केंद्र खोलने पर निर्णय नहीं आने का फायदा व्यापारी उठा रहे हैं। खुले बाजार में मक्का 1150 से 1200 रुपये में बिकने से घाटा हो रहा है। अकबरपुर में उप मंडी स्थल, पुखरायां व झींझक में मंडी स्थल, रसूलाबाद और संदलपुर में क्रय केंद्र खोलने का अनुमोदन मिला है। 15 अक्टूबर से क्रय केंद्रों पर मक्का की सरकारी खरीद होगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि मक्के की सरकारी खरीद के लिए खाद्य विभाग के पांच क्रय केंद्रों का अनुमोदन डीएम ने किया है। क्रय केंद्र खोलने की व्यवस्था की जा रही है। किसान इन केंद्रों पर मक्का की उपज बिक्री कर सकते हैं।
क्रय केंद्र के खुलने किसानों ने जताई खुशी
जिले में पांच जगहों पर मक्का क्रय केंद्रों को खोलने का फैसला लिए जाने से किसानों में खुशी है। अंगदपुर के दिनेश सिंह, राजपुर के श्याम विश्रोई ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्र खुलने से मक्का के सही मूल्य मिल सकेंगे। बाजार में मक्का बेहद कम दाम पर बिक रही है। जैनपुर के बिट्टू बाबू ने बताया कि मक्का की सरकारी खरीद होगी तो किसानों का फायदा होगा। बाजार में भी तेजी की उम्मीद है। इसका लाभ किसानों को मिलेगा।
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