गर्भधारण के बाद से ही ट्रैकिंग की जाएगी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि इस एप के इस्तेमाल से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना उद्देश्य है। एप के जरिये महिलाओं की सेहत की गर्भधारण के बाद से ही ट्रैकिंग की जाएगी। उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, पोषण आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।
सुधार और टीकाकरण का भी रखा जाएगा ध्यान
इससे गर्भावस्था के जोखिमों की पहचान जल्द हो सकेगी और जटिलताओं का खतरा कम होगा। शिशु के पोषण स्तर में सुधार और टीकाकरण का भी ध्यान रखा जाएगा। यह शोध चार वर्ष चलेगा। करार के दौरान प्राचार्य डॉ. काला, हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके सिंह, डॉ. एके आर्या तथा विश्वविद्यालय की ओर से डीन इनोवेशंस डॉ. शिल्पा, अनिल कुमार त्रिपाठी, यशी वाजपेयी आदि मौजूद रहे।