12 साल के मोहम्मद सगीर रजा ने कुरान का हिफ्ज सुनाया
- फोटो : सुहेल खान
12 साल के मोहम्मद सगीर रजा को कुरान का हिफ्ज (कुरान बिना देखे सुनाना) सुनाते देख सभी दंग रह गए। इस छोटी सी उम्र में सगीर ने ऐसा काम कर दिया है कि उसके मां-बाप को कयामत के दिन सूरज से ज्यादा रोशनी वाला ताज पहनाया जाएगा।
कानपुर की मस्जिद नाजिरबाग में शुक्रवार को जलसे के दौरान बेकनगंज में रहने वाले 12 साल के सगीर रजा ने कुरान का हिफ्ज सुनाया। मदरसा शिक्षक कारी जियाउर रजा की देखरेख में सगीर ने हिफ्ज मुकम्मल किया। इस मौके पर हाफिज-ए-कुरान की फजीलत बयान की गई। हाफिज सगीर रजा के पिता का इंतकाल हो चुका है। उलेमा ने बताया कि हाफिज बनने के बाद एक बार में पूरा कुरान सुनाना अपने आप में बड़ी बात है। यह सगीर की लगन का ही नतीजा है। इस मौके पर मुफ्ती हनीफ बरकाती ने बताया कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने फरमाया कि जिसने कुरान पढ़ा और उस पर अमल किया, उसके मां-बाप को कयामत के दिन ऐसा ताज पहनाया जाएगा, जिसकी रोशनी सूरज से ज्यादा होगी। मदरसे के सरपरस्त और नाजिम-ए-आला कारी मोहम्मद नासिर बरकाती ने कहा कि हुजूर पाक ने फरमाया कि हममें बेहतर वह है जो कुरान सीखे और सिखाए। मौलाना मुहिब रजा हबीबी, मौलाना मुशाहिद रजा कादरी, मौलाना आलमगीर, मौलाना निजामुद्दीन मौजूद रहे।