कन्नौज की गुरसहायगंज कोतवाली में तैनात एक आरक्षी ने शनिवार को फांसी लगाने का प्रयास किया। समय रहते साथी आरक्षी ने उसे पकड़ लिया। आरक्षी को तनाव में देखकर सीएचसी में भर्ती कराया गया। उसे यहां से तिर्वा मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
कई घंटे बाद स्थिति सामान्य होने पर परिजन उसे घर ले गए। आरक्षी का विवाह तय हो गया है। फरवरी में शादी कार्यक्रम होना है। आगरा निवासी आरक्षी अनिल गुर्जर कोतवाली में तैनात हैं। कोतवाली में आरक्षी आवास का अभाव होने से अनिल व कई और आरक्षी कोतवाली के पीछे एक मकान में किराये पर रह रहे हैं।
शनिवार सुबह करीब 10:00 बजे आवास पर मौजूद अनिल गले में फांसी का फंदा लगाने लगे। इसे एक अन्य आरक्षी ने देख लिया। इन्होंने रोका। अनिल की अजीब हरकतें देखकर सिपाहियों ने कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक को जानकारी दी। कोतवाल ने मौके पर पहुंचकर अनिल गुर्जर को उपचार के लिए भेज दिया।
डॉक्टर सहदेव ने प्राथमिक उपचार किया। कुछ देर बाद तिर्वा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। डॅा. सहदेव ने बताया कि अनिल के गले में फांसी के निशान नहीं मिले हैं। वह मानसिक रूप से वह काफी परेशान दिख रहे हैं। वहीं तिर्वा मेडिकल कॉलेज में कुछ घंटे चले उपचार के बाद हालत में सुधार हुआ।
इस बीच सूचना पाकर आरक्षी के पिता गिरिराज सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यह अनिल को अपने साथ आगरा ले गए। इस संबंध में कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि अनिल का स्वभाव सरल है। पिछले सप्ताह कई दिन का अवकाश लेने के बाद आए हैं। किसी पारिवारिक समस्या के चलते ऐसा कदम उठाया है।