21 दिनों का लॉकडाउन खत्म होते ही रेलवे के रिजर्वेशन केंद्रों में टिकटों का निरस्तीकरण कराने वालों का हुजूम उमड़ने से पहले इसकी तैयारियां चल रही हैं। रेलवे ने हर रिजर्वेशन केंद्र पर टिकट निरस्त कराने वालों के अलग दो से तीन काउंटरों को खोलने की तैयारी की है।
दरअसल, 14 अप्रैल तक गर्मियों में बाहर घूमने जाने वालों ने बड़े पैमाने पर रिजर्वेशन करा रखे थे, जो ट्रेनों के निरस्त होने पर बेकार हो चुके हैं हालांकि इन्हें फुल रिफंड दिया जाएगा।
21 जून तक ले सकते हैं रिफंड
21 मार्च से 14 अप्रैल तक जो भी ट्रेनें निरस्त हुई हैं, उनके टिकट धारक ट्रेनों का टिकट निरस्त करा सकते हैं। इसके लिए समय सीमा तीन महीने बढ़ा दी गई है। 21 मार्च की ट्रेन का रिफंड 21 जून तक लेने की छूट होगी।
विंडो टिकट कराने वालों के निरस्तीकरण के लिए यह छूट दी गई है। आईआरसीटीसी के एप या वेबसाइट से जिन लोगों ने टिकट कराए थे, ट्रेनों के निरस्त होने के बाद उनके खातों में टिकट की पूरी रकम वापस आना शुरू हो गई है।
विंडो टिकट के फुल रिफंड पर होगा नुकसान
रेलवे ने यह एलान तो कर दिया है कि वह निरस्त ट्रेनों का पूरा पैसा वापस करेगा। लेकिन इन टिकटों के फुल रिफंड में उसका नुकसान होगा। अभी तक रेलवे ने अलग अलग श्रेणियों के टिकटों को निरस्त करने पर 60 रुपये से 180 रुपये तक