मंगलपुर क्षेत्र में स्कूल जा रही छात्रा से गैंगरेप मामले में वारदात के
पांचवें दिन पीड़िता ने चुप्पी तोड़ी।
छात्रा ने दास्तां बयां की तो लोगों
के होश उड़ गए। छात्रा बोली कि गैंगरेप के बाद दबंगों ने जान से मारने की
कोशिश की थी। मामला खुलाता देखकर पुलिस आनन-फानन में वारदात के मुख्य आरोपी
सत्येंद्र को गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि पुलिस ने सोमवार को हुए
गैंगरेप को छेड़छाड़ में दर्ज किया था।
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक सभाराज
सिंह ने उक्त गांव का दौरा कर लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
क्षेत्र के गांव से स्कूल जा रही छात्रा (16) से गैंगरेप की पुष्टि के बाद
शुक्रवार को इलाके में लोग स्तब्ध रह गए। छात्रा ने पुलिस से आरोपियों के
बारे में पूछा तो मंगलपुर पुलिस सन्नाटे में आ गई। शायद पुलिस को इसका
अंदाजा भी नहीं था। पुलिस 161 के तहत छात्रा का बयान लेने पहुंची थी। पुलिस
पीड़िता का हौसला देखकर भौचक रह गई।
छात्रा ने शुरुआत से पुलिस पर आरोप
लगाते हुए मेडिकल और तहरीर पर हस्ताक्षर करवाने को लेकर भला बुरा कहा। उसने
गैंगरेप के आरोपियों के बारे में पूछा तो पुलिस कर्मी बगले झांकने लगे।
छात्रा ने मेडिकल जांच में हुई हीलाहवाली और देरी पर भी कई सवाल खड़े किए।
पीड़िता ने महिला पुलिस को खुलकर बताया कि आरोपी प्रदीप, सतेंद्र, अशोक उसे
खेतों में घसीट ले गए थे, जहां उसके साथ
गैंगरेप कर किया और गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया। वह बेहोश
हो गई तो मरा समझकर छोड़कर फरार हो गए।
बता दें कि गांव वालों की सूचना
पर परिजन उसे बेहोशी हालात में उठाकर लाए थे। महिला पुलिस के सामने घटना
बयां करने के बाद मामला सामूहिक बलात्कार में दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस
अधीक्षक सभाराज सिंह ने बताया कि छात्रा के बयान के बाद रेप की पुष्टि हो
जाने पर मुकदमे में धारा 376 जी की बढ़ोत्तरी कर दी गई है।
पीड़िता के
परिवार की सुरक्षा के लिए गांव में फोर्स तैनात की जा रही है।
क्षेत्राधिकारी शशि शेखर दीक्षित ने बताया कि आरोपी सतेंद्र पुत्र राजकुमार
को गिरफ्तार कर लिया है, फरार दोनों आरोपियों की तलाश में टीम में लगी हुई
हैं।