बारा टोल पर प्रवासी मजदूरों को बस पर बैठाते पुलिस कर्मी
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लॉकडाउन में माल वाहक वाहनों या फिर पैदल असुरक्षित यात्रा कर घर लौट रहे प्रवासी मजदूर हर रोज सड़क हादसों में अपनी जान गवां रहे हैं। कानपुर देहात में तीन, फिर औरैया में 26 प्रवासी मजदूरों की हादसे में मौत हो गई। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित तरीके से घर तक पहुंचाने के आदेश प्रदेश भर के अफसरों को दिए थे।
रविवार को इसका असर दिखा। जिला प्रशासन ने सीमा पर प्रवासी मजदूरों को ट्रकों व अन्य माल वाहक वाहनों से उतार कर बसों से सीमा के पार कराया। कानपुर नगर व देहात जिले की पुलिस ने रविवार सुुबह गैर प्रांतों से आ रहे माल वाहक वाहनों पर बैठे प्रवासी मजदूरों को बारा टोल प्लाजा पर उतार लिया।
सभी को बसों से अन्य जिले की सीमा तक भेजा गया है। कानपुर-इटावा हाईवे के महटौली सीमा पर ट्रकों में बैठकर आए मुंबई, बंगलुरु, कर्नाटक आदि स्थानों के प्रवासी मजदूरों को उतारा गया। यह प्रवासी मजदूर बहराइच, कुशीनगर, जौनपुर, प्रयागराज, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर व गोरखपुर आदि स्थानों को जा रहे थे।
पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों को भी रोका गया। लंच पैकेट दिए गए। बारा टोल पर पानी के पैकेट व दालमोट व बिस्कुट व फल भी वितरित किए गए। वहीं, कालपी जिले की सीमा पर रात में दो बजे से सुबह सात बजे तक प्रवासी मजदूरों को रोका गया।
सुबह बसों से इन मजदूरों को बारा टोल तक भेजा गया। डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 20 बसें लगाई गई हैं। गैर प्रांत से आने वाले प्रवासी मजदूरों को जिले की सीमा पार तक भेजा जा रहा है। सड़क हादसे रोकने को पुलिस बैरियर पर अलर्ट है।